एकनाथ शिंदे की विपक्ष को दो टूक, कहा- EVM पर लोगों को गुमराह करना छोड़कर जनादेश स्वीकारें
EVM पर उठ रहे सवालों को लेकर एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आप जीतते हैं तो ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं होती लेकिन जब आप हारते हैं तो मशीन खराब हो जाती है।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
मुंबई : हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हार से तिलमिलाई महाविकास आघाड़ी नतीजों के बाद से EVM को लेकर भाजपा और महायुति पर लगातार हमलावर बनी हुई है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बारे में लोगों को गुमराह करने और जनादेश को स्वीकार न करने का आरोप लगाया।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने 20 नवंबर को संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में अपने काम की वजह से जीत हासिल की है इसलिए विपक्षी महाविकास आघाडी(एमवीए) को जनादेश को स्वीकार करना चाहिए और विकास कार्यों में सरकार का समर्थन करना चाहिए।
EVM को लेकर विपक्ष लगा रहा आरोप
बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 20 नवंबर को मतदान हुआ था और 23 नवंबर को नतीजे आए थे। इस चुनाव में भाजपा, एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के ‘महायुति’ गठबंधन ने 230 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना(उबाठा) और शरद पवार नीत राकांपा(एसपी) के विपक्षी गठबंधन को केवल 46 सीट मिली थीं। करारी हार से दुखी विपक्षी दलों ने चुनाव में हार के लिए ईवीएम में छेड़छाड़ और अनियमितता का आरोप लगाया है। इसके अलावा वे बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी कर रहे हैं।
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शिंदे ने विपक्ष को दी नसीहत
EVM पर उठ रहे सवालों को लेकर शिवसेना प्रमुख ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जब आप जीतते हैं तो ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं होती लेकिन जब आप हारते हैं तो मशीन खराब हो जाती है। यह सही तरीका नहीं है।” उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि उसे जनादेश को स्वीकार करना चाहिए कि उन्हें निर्णायक रूप से पराजय मिली है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने चुनाव में उसे उसकी जगह दिखा दी और साबित कर दिया कि वे घर बैठने वालों को वोट नहीं देते।
लोकसभा चुनाव में MVA को मिली थी ज्यादा सीटें
शिंदे ने आगे कहा, “लोकसभा चुनाव में महायुति को 2.48 करोड़ मत मिले, जो 43.55 प्रतिशत है। एमवीए को 2.5 करोड़ मत मिले, जो 43.71 प्रतिशत है। फिर भी विपक्ष को 31 सीट पर जीत हासिल हुई और महायुति को 17 सीट मिलीं। क्या हमें यह कहना चाहिए कि ईवीएम में गड़बड़ी हुई?” शिंदे ने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के बारे में भ्रम पैदा करना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, “लोगों ने हमें हमारे काम के लिए जनादेश दिया है। विलाप करना बंद करें और हमारे द्वारा किए गए विकास कार्यों को स्वीकार करें। जनादेश को स्वीकार करें।”
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शिंदे ने यह भी कहा कि विपक्ष ने झारखंड विधानसभा चुनाव और नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा वायनाड (केरल) लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि महायुति को 49.30 प्रतिशत मत और 3.18 करोड़ वोट मिले जबकि एमवीए को 2.35 करोड़ मत मिले। शिंदे ने कहा कि दोनों दलों के बीच एक करोड़ मतों का अंतर है। उन्होंने कहा कि कोई भी गलत काम नहीं होगा और किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
