

Draft Voter List Name Missing How To Check And Apply: महाराष्ट्र में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत तैयार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राज्य के 2 करोड़ 7 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं।
चुनाव आयोग ने सोमवार, 31 अगस्त को नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की है। ऐसे में मतदाताओं के लिए यह जांचना जरूरी हो गया है कि उनका नाम प्रारूप सूची में मौजूद है या नहीं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, घर-घर जाकर किए गए भौतिक सत्यापन (Physical Verification), डिजिटाइजेशन के लिए आवश्यक फॉर्म जमा न होने और कई तकनीकी कारणों से लाखों नाम ड्राफ्ट वोटर सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। इसके कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए है।
पलायन: जो मतदाता अपने पुराने पते को छोड़कर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए हैं।
अनुपलब्धता: BLO के सर्वे के दौरान दिए गए पते पर न मिलने वाले नागरिक।
मृत्यु: मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए हैं।
NRI/विदेश निवास: जो नागरिक अब स्थायी रूप से विदेश में बस चुके हैं।
डुप्लीकेट नाम: एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों या मतदान केंद्रों पर दर्ज एक ही व्यक्ति के नाम।
यदि प्रारूप मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है तो मतदान का अधिकार खत्म नहीं हुआ है। आयोग ने 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 29 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर जाएं।
मोबाइल में Voter Helpline App डाउनलोड करके भी विवरण खोज सकते हैं।
नाम जोड़ने के लिए: यदि आपका नाम कट गया है, तो नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form 6) भरें।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए: किसी अपात्र या मृत व्यक्ति का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 (Form 7) जमा करें।
संशोधन के लिए: नाम, पता या फोटो में सुधार के लिए फॉर्म-8 (Form 8) का उपयोग करें।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत 2002 की मतदाता सूची में अपना या पिता का नाम भी खोजा जा सकता है। इसके लिए संबंधित राज्य और जिले का चयन कर नाम से खोज की जा सकती है। पुराने रिकॉर्ड के आधार पर मतदाता अपने दस्तावेजों और विवरण का सत्यापन कर सकते हैं।
जिन मतदाताओं का मैपिंग नहीं हो पाया है, उनके लिए चुनाव आयोग ने आधार सहित वैकल्पिक दस्तावेजों की सूची जारी की है।
इनमें प्रमुख रूप से पुरानी मतदाता सूची या चुनाव पर्ची, संपत्ति अथवा किरायेदारी के दस्तावेज, नागरिकता प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, एलआईसी पॉलिसी, सरकारी लाइसेंस या प्रमाणपत्र, सरकारी/अर्धसरकारी नौकरी का प्रमाणपत्र, बैंक या डाकघर की पासबुक, जन्म प्रमाणपत्र, बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र, न्यायालय के दस्तावेज, राशन कार्ड और सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं।