डोंबिवली MIDC विस्फोट: पुलिस के लिए बड़ी चुनौती, नमूने एकत्र करना और पीड़ितों की पहचान करना मुश्किल
डोंबिवली MIDC विस्फोट के बाद पुलिस को मृतकों की सटीक संख्या का पता लगाने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के कठिन कार्य से जूझना पड़ रहा है। विस्फोट में 10 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- Written By: शुभम सोनडवले
घटनास्थल पर NDRF और अन्य अधिकारी (फोटो: पीटीआई)
ठाणे. महाराष्ट्र में डोंबिवली केमिकल फैक्टरी में हुए विस्फोट के बाद पुलिस को मृतकों की सटीक संख्या का पता लगाने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के कठिन कार्य से जूझना पड़ रहा है क्योंकि कई शव इस कदर जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुमकिन नहीं है।
इस विस्फोट में 10 लोगों की जान चली गई जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि अहम सबूत, जिसमें जले हुए अवशेष और शवों के हिस्से के नमूने शामिल हैं, सावधानी पूर्वक एकत्र करके फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि उनके रिश्तेदारों से इसका मिलान किया जा सके।
ठाणे जिले के डोंबिवली एमआईडीसी के फेज- 2 में स्थित अमुदान केमिकल्स में बॉयलर के फटने और इसके कारण लगी आग में नौ लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। मलबे से जला हुआ एक और शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
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उल्हासनगर की अपराध इकाई चार के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कोली ने कहा, “जांच टीम का प्रारंभिक ध्यान मृतकों की सटीक संख्या पता करने पर है। घटना में मारे गए कई लोगों के शव इस कदर जल गए हैं कि इनकी पहचान नहीं की जा सकती।”
पुलिस ने कंपनी के मालिक मलय मेहता (38) को गिरफ्तार किया है और नासिक में एक महिला को हिरासत में लिया गया है। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि कंपनी ने रसायनों के मिश्रण, अंतिम उत्पादों और उनके भंडारण को लेकर सावधानी नहीं बरती थी, जबकि उसे अच्छी तरह पता था कि किसी भी चूक से विस्फोट हो सकता है। (एजेंसी)
