सूरत-धुले मार्ग हादसा: विवादित ड्राइवर को दोबारा थमाई स्टीयरिंग, एसटी महामंडल की ठेका पद्धति पर उठे सवाल
Dhule ST Bus News: बारडोली के पास हुए भीषण एसटी बस हादसे ने ठेका आधारित बस सेवा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवादित रिकॉर्ड के बावजूद चालक को दोबारा बस चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
- Written By: रूपम सिंह
ST Bus धुले मार्ग हादसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dhule Highway ST Bus Accident: सूरत-धुले मार्ग पर बारडोली के पास हुए भीषण एसटी बस हादसे ने महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की किराया आधारित (ठेका) बस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। यह दुर्घटना महज एक चालक की गलती नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की विफलता है जिसने बार-बार विवादों में रहने वाले चालक को दोबारा स्टीयरिंग थमा दी।
विवादित चालक का रिकॉर्ड और सिस्टम की अनदेखी
हादसे का शिकार बनी बस के चालक का पिछला रिकॉर्ड बेहद चिंताजनक है, जिसे प्रशासन ने पूरी तरह नजरअंदाज किया नंदुरबार डिपो में तैनाती के दौरान उसने तीन से चार खड़ी बसों को टक्कर मारी थी। 10 मार्च 2026 को कन्नड़ के पास उसी के अधीन बस जलकर खाक हो गई थी, बावजूद इसके चालक की क्षमता की कोई जांच नहीं हुई। बारडोली हादसे से महज कुछ दिन पहले ही उसे दोबारा धुले विभाग में तैनात कर दिया गया। सवाल यह है कि आखिर स्थानीय प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों ने उसके पुराने रिकॉर्ड को क्यों अनदेखा किया ?
सुरक्षा उपकरणों का अभाव, सफाई की कमी
- यह घटना केवल एक चालक की नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे और भर्ती प्रक्रिया की कमियों को उजागर करती है नियमित चालकों के विपरीत, किराया आधारित व्यवस्था में चयन और प्रशिक्षण निजी ऑपरेटरों के हाथ में है, जिससे निगरानी बेहद कमजोर हो गई है।
- बसों में सुरक्षा उपकरणों का अभाव, सफाई की कमी, खराब सीटें और डीजल टैंक के ढक्कन न होने जैसी खामियां आम हो चुकी हैं।
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- मई 2025 में खानदेश जागृत प्रवासी संघटना द्वारा परिवहन मंत्री को शिकायत भेजने के बावजूद, स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- विभाग द्वारा केवल कागजी स्पष्टीकरण देकर खानापूर्ति की गई। अब सवाल यह है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है?
- यदि शिकायतों पर समय रहते ध्यान दिया गया होता और तकनीकी व मानवीय पहलुओं की निष्पक्ष जांच होती, तो आज यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था।
बढ़ते हादसों के आंकड़े
धुले विभाग में 2023 से किराया आधारित बस सेवा शुरू होने के बाद दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार ऊपर गया है।
| वर्ष | मामूली हादसे | गंभीर हादसे | प्राणघातक (जानलेवा) हादसे |
|---|---|---|---|
| 2023 | 1 | 1 | 0 |
| 2024 | 14 | 11 | 3 |
| 2025 | 26 | 8 | 1 |
