

South East Central Railway Freight: नागपुर स्थित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) ने जुलाई माह में माल परिवहन और माल राजस्व के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी परिचालन क्षमता का परिचय दिया है। रेलवे जोन ने न केवल माल ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, बल्कि राजस्व अर्जित करने के मामले में भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। अधिकारियों के अनुसार, कोयला, लौह अयस्क, क्लिंकर, कंटेनर और इस्पात उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल की रिकॉर्ड ढुलाई इस उपलब्धि का प्रमुख कारण रही।
रेलवे के जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 21.53 मिलियन टन माल का लदान किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.16 प्रतिशत अधिक है। माल परिवहन में हुई इस वृद्धि का सीधा असर राजस्व पर भी दिखाई दिया। जुलाई माह में माल ढुलाई से रेलवे को 2,636.58 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.65 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 31 जुलाई 2026 तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कुल 87.56 मिलियन टन माल का संचयी लदान किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में जोन ने ₹10,490.77 करोड़ का संचयी माल राजस्व अर्जित किया, जो रेलवे की मजबूत माल परिवहन व्यवस्था, बेहतर योजना और उच्च परिचालन दक्षता का प्रमाण माना जा रहा है।
जोन के अनुसार, इस वर्ष विशेष रूप से कोयला, लौह अयस्क, क्लिंकर, कंटेनर तथा इस्पात संयंत्रों के लिए आवश्यक कच्चे माल की ढुलाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और मालगाड़ियों के बेहतर संचालन के कारण रेलवे ने समयबद्ध एवं सुचारु परिवहन सुनिश्चित किया, जिससे उद्योगों को भी लाभ मिला।
बेहतर परिचालन प्रबंधन और माल परिवहन की प्रभावी रणनीति के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में ₹117.26 करोड़ का अतिरिक्त माल राजस्व अर्जित किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि देश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती रहे।