‘माझी वसुंधरा’ से मिली ताकत, धुले मनपा का सोलर मॉडल हिट; हर महीने लाखों की बिजली बचत
Dhule Municipal Corporation Solar: धुले मनपा ने 200 किलोवाट सोलर सिस्टम से हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये की बिजली बचत शुरू की है। ‘माझी वसुंधरा’ योजना से मिले फंड से यह प्रोजेक्ट साकार हुआ।
- Written By: अंकिता पटेल
Dhule Majhi Vasundhara Scheme ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhule Majhi Vasundhara Scheme: धुले पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का सटीक संतुलन साधते हुए धुले महानगरपालिका ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘माझी वसुंधरा’ योजना के तहत मनपा की नई इमारत पर लगाए गए सौर ऊर्जा सिस्टम ने बिजली बिलों में भारी कटौती कर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
इस सफलता की नींव ‘माझी वसुंधरा’ अभियान में मिले पुरस्कार से रखी गई थी। योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मनपा को शासन से 4 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला था।
इसी राशि में से 1.20 करोड़ रुपये खर्च कर नई इमारत की छत पर 200 किलोवाट क्षमता का ‘ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम’ लगाया गया। सितंबर 2025 से शुरू हुए इस सिस्टम के कारण पिछले तीन महीनों में हर महीने करीब 1 से 1.50 लाख रुपये की सीधी बचत दर्ज की गई है।
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अगला लक्ष्यः 25 लाख रुपये की मासिक बचत
नई इमारत की सफलता को देखते हुए आयुक्त नितीन कापडणीस ने अब शहर के अन्य प्रमुख केंद्रों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने का निर्णय लिया है।
अमृत 2.0 योजना के तहत सुखवद और बाभले केंद्रों पर 1-1 मेगावाट के बड़े सोलर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। अक्कलपाडा केंद्र (100 किलोवाट) और गांडूल खत प्रोजेक्ट (300 किलोवाट) पर भी पैनल लगाए जाएंगे। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर मनपा को हर महीने लगभग 25 लाख रुपये की भारी बचत होने की उम्मीद है।
आर्थिक मजबूती और पर्यावरण को साथ
बढ़ती बिजली दरों के दौर में सौर ऊर्जा का यह विकल्प मनपा की वित्तीय स्थिति के लिए ‘गेमचेजर’ साबित हो रहा है।
इससे न केवल कार्बन फुटप्रिंट कम होगा, बल्कि बिजली बिलों से बचने वाले पैसे का उपयोग शहर के अन्य बुनियादी विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
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बिजली खर्च को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती थी। सोलर सिस्टम के नतीजों ने हमारा उत्साह बढ़ाया है। जलशुद्धीकरण केंद्रों के सौर ऊर्जा पर आने से होने वाली बचत विकास कार्यों की निधि में बड़ी बढ़ोतरी करेगी।
– धुले मनपा, आयुक्त, नितिन कापडणीस
