भीषण गर्मी से सावधान: डॉक्टरों की चेतावनी, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील; दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचें

Nashik Heatwave Advisory: नासिक में बढ़ती गर्मी और उमस के बीच डॉक्टरों ने नागरिकों को हीट स्ट्रोक से बचने की सलाह दी है। दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलने व हल्के सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है।
Beware of Extreme Heat: Doctors Warn and Appeal to Citizens to Stay Alert; Avoid Sun Exposure Between 12 PM and 4 PM.
Nashik Summer Health Alert ( सोर्स:सोशल मीडिया )
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Nashik Summer Health Alert: नासिक गर्मियों की बढ़ती तपिश और भीषण उमस ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान को देखते हुए नासिक जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश गोरे ने नागरिकों से अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि 'हीट स्ट्रोक' यानी उष्माघात एक गंभीर स्थिति है, जिससे बचाव ही एकमात्र प्रभावी उपाय है। भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए डॉक्टरों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं।

दोपहर 12 से 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, तब अनावश्यक बाहर न निकलें। अमिक और किसान इस दौरान छायादार स्थानों पर विश्राम करें।

हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, सफेद रुमाल या गमछा जरूर रखें। फ्रिज के बर्फ जैसे ठंडे पानी के बजाय मटके के पानी को प्राथमिकता दें।

लू के लक्षण पहचानें

यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं। शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना या जी मिचलाना, मासपेशियों में ऐंठन और सास लेने में तकलीफ होना, पेशाब का रंग गहरा पीला होना या मात्रा कम होना। मानसिक भ्रम या बेहोशी की स्थिति पैदा होना।

उपचार और प्रबंधन

डॉ. गोरे के अनुसार, लू लगने पर मरीज के शरीर का तापमान कम करना सबसे जरूरी होता है। ठंडे पानी की पट्टियां रखना और ओआरएस का घोल पिलाना प्रारंभिक उपचार के रूप में प्रभावी है।

जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है, साथ ही, उन्होंने बढ़ते तापमान के स्थायी समाधान के लिए वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।

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