Dharavi Redevelopment: असमंजस में फंसे धारावीवासी, DRA ने जारी की दस्तावेज जमा करने की डेडलाइन
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत झुग्गीवासियों की पात्रता निर्धारित करने के लिए किया जा रहा सर्वेक्षण अपने अंतिम चरण में है, फिर भी कई लोगों ने सर्वेक्षण पूरा नहीं किया है या दस्तावेज जमा नहीं किए हैं।
- Written By: आकाश मसने
धारावी झुग्गी (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत झुग्गीवासियों की पात्रता निर्धारित करने के लिए धारावी पुनर्वास प्राधिकरण (DRA) और नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (एनएमडीपीएल) द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण अपने अंतिम चरण में है, फिर भी कई लोगों ने सर्वेक्षण पूरा नहीं किया है या दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। इसलिए ऐसे झोपड़पट्टी धारकों को अपने दस्तावेज जमा करने के लिए 15 अप्रैल तक की मोहलत दी गई है।
डीआरए और एनएमडीपीएल ने धारावी में मार्च 2024 में सर्वेक्षण शुरू किया था। इस दौरान शुरुआत में धारावी के निवासियों सर्वेक्षण का भारी विरोध किया था। हालांकि, बाद से सर्वेक्षण में तेजी आई है और एक वर्ष में 63,000 झोपड़ियों का सर्वेक्षण पूरा किया गया तथा 89 हजार झोपड़ियों को नंबर दिए गए हैं।
अब सर्वेक्षण कार्य तेज हो गया है और डीआरपी की योजना अगले कुछ दिनों में सर्वेक्षण पूरा करने की है। जबकि धारावी में कई झुग्गीवासी सर्वेक्षण के प्रति अभी भी उदासीन हैं और दस्तावेज जमा नहीं कर रहे हैं। चूंकि अपील के बावजूद ऐसे झोपड़ी मालिक आगे नहीं आ रहे हैं, इसलिए अब इन झोपड़ी मालिकों को अपने दस्तावेज जमा करने के लिए समय सीमा दे दी गई है।
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डीआरपी ने जारी किया सार्वजनिक बयान
डीआरपी ने हाल ही में इस संबंध में एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। बयान के अनुसार, यह स्पष्ट किया गया है कि दस्तावेज जमा करने की समय सीमा 15 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दी गई है, तथा जिन लोगों ने अपने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे आगे आएं और सर्वेक्षण में भाग लें।
हालांकि डीआरपी ने पहले चेतावनी दी थी कि जो लोग सर्वेक्षण में भाग नहीं लेंगे, उन्हें पुनर्वास योजना के तहत आवास लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। लेकिन स्पष्ट समय सीमा बताने के बाद भी हालिया बयान में पहले दी गई चेतावनी का कोई उल्लेख नहीं है।
असमंजस में धारावीवासी
15 अप्रैल तक की डेडलाइन घोषित किए जाने से धारावी के निवासी असमंजस में हैं। क्योंकि इसमें दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से बताई गई है। इसलिए, धारावी बचाओ आंदोलन ने अब सवाल उठाया है कि क्या जो झुग्गीवासी समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें उनके घरों से वंचित कर दिया जाएगा?
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लोगों का कहना है कि हम धारावी के पुनर्विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हमारी कुछ मांगें हैं, हम मांग करते हैं कि उन्हें पूरा किया जाए और उसके बाद ही पुनर्विकास को पटरी पर लाया जाए। ‘धारावी बचाओ आंदोलन’ के समन्वयक एडवोकेट राजू कोरडे ने मांग की है कि डीआरपी यह स्पष्ट करे कि जो लोग सर्वेक्षण में दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं, उन्हें घर दिए जाएंगे या नहीं?
