RTO विभाग में हो रहा भ्रष्टाचार, चंद्रपुर विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा, मंत्री सरनाईक ने दिया जवाब
परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर विधानसभा का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक किशोर जोरगेवार ने सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने आरटीओ विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।
- Written By: आकाश मसने
मंत्री प्रताप सरनाईक व विधायक किशोर जोरगेवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
चंद्रपुर: परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक किशोर जोरगेवार ने सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधायक किशोर जोरगेवार ने आरोप लगाया है कि परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण यह खतरा बढ़ रहा है। इसके जवाब में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कार्रवाई करने का सकारात्मक जवाब दिया। विधायक किशेार जोरगेवार का आरोप है कि आरटीओ विभाग द्वारा बिना किसी निरीक्षण के वाहनों को लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, इनमें से कई वाहन प्रदूषण और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
चार साल तक इसी अधिकारी को उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, इसलिए विधायक ने सत्र में मांग की है कि आरटीओ विभाग में नियमित अधिकारी नियुक्त कर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुंबई में चल रहे बजट सत्र के दौरान बोलते हुए विधायक ने परिवहन मंत्री सरनाईक से सीधे पूछा कि क्या वे चंद्रपुर के प्रभारी आरटीओ को बदलने जा रहे हैं, जिससे सदन का ध्यान आरटीओ विभाग में व्याप्त भ्रष्ट आचरण की ओर आकृष्ट हुआ।
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क्या बोले विधायक जोरगेवार?
विधायक जोरगेवार ने कहा कि आरटीओ विभाग में एक रैकेट सक्रिय रूप से काम कर रहा है। बड़े परिवहन वाहनों को कार्यालय में जाए बिना और किसी भी तरह के निरीक्षण से गुजरे बिना लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
चंद्रपुर में आरटीओ का पद रिक्त होने के बावजूद भी प्रभारी उपक्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के भरोसे आरटीओ कार्यालय चलाया जा रहा है। अन्य राज्यों से यहां आने वाले ड्राइवरों की किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जाती है। अधिकारियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है, और विभाग एक मृत व्यक्ति के नाम पर लाइसेंस तक जारी कर रहा है। यह गंभीर मामला है।
जिले में फ्लाई ऐश परिवहन के संबंध में तत्काल कदम उठाएं
चंद्रपुर जिले में बिजली संयंत्रों से बड़ी मात्रा में राख उत्पन्न होती है। इस फ्लाई ऐश का उपयोग सीमेंट उद्योग और सड़क निर्माण में किया जाता है। हालांकि, फ्लाई ऐश परिवहन पर विनियमन की कमी से प्रदूषण और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
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हाल ही में चंद्रपुर-नागपुर महामार्ग पर एक गंभीर दुर्घटना घटी जब फ्लाई ऐश से भरा एक खुला ट्रक एसटी बस से टकरा गया। बस चालक की मृत्यु हो गई। कई यात्री घायल हो गए। ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एश परिवहन के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित करना तथा वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
