सुरक्षित, कूल-कूल होगा मुंबईकरों का सफर, पुराने किराए में करेंगे AC यात्रा
Mumbai AC Local Train: मुंबईकरों का सफर अब सुरक्षित और कूल-कूल होनेवाला है। सीएम फडणवीस ने ऐलान किया है कि AC लोकल में सफर के लिए कोई अतिरिक्त या ज्यादा किराया नहीं देना पड़ेगा।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस, मुंबई AC लोकल (pic credit; social media)
Mumbai AC Local Train: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफ लाइन कही जानेवाली लोकल ट्रेनों में जान हथेली पर रखकर सफर करनेवाले मुंबईकरों का सफर अब सुरक्षित और कूल-कूल होनेवाला है। 9 जून 2025 को मुंब्रा में हुए रेल हादसे से सबक लेते हुए सरकार मुंबईकरों को मेट्रो और AC लोकल की तर्ज पर बंद दरवाजों वाली वातानूकूलित ट्रेनों में सफर कराने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधान मंडल के मानसून सत्र समापन के मौके पर इसकी घोषणा की। सीएम फडणवीस ने कहा कि निकट भविष्य में मुंबई में AC कोचों वाली लोकल ट्रेनें चलेगी। उल्लेखनीय यह है कि ठंडे-ठंडे, कूल-कूल सफर के लिए कोई अतिरिक्त या ज्यादा किराया नहीं देना पड़ेगा।
मुंबई लोकल ट्रेन में लटकर सफर करना मजबूरी
मुंबई में लगातार बढ़ती भीड़ का साइड इफेक्ट लोकल ट्रेनों में दिखने लगा है। भीड़ के कारण सुबह और शाम के समय लोकल ट्रेनों में गेट के बाहर लटक कर सफर करना मुंबईकरों की मजबूरी बन गई है। लोकल में भीड़ का परिणाम हादसों के रूप में सामने आ रहा है। औसतन 20 लोग प्रतिदिन उपनगरीय ट्रेनों में सफर के दौरान हादसे का शिकार होते हैं।
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इनमें से लगभग आधे लोगों की मौत हो जाती है, जबकि शेष बचे लोगों में से भी ज्यादातर लोग जिंदगी भर के लिए विकलांग हो जाते हैं। 9 जून को मुंब्रा में हुए रेल हादसे के कारण लाइफ लाइन में मुंबईकरों की दुर्दशा सार्वजनिक हुई तो सरकार समस्या पर ध्यान देने के लिए मजबूर हो गई।
विधानमंडल में गूंजा मुद्दा
विधान मंडल के मानसून सत्र के दौरान मुंबई की घटना को सर्वदलीय विधायकों ने कई बार जोरदार ढंग से उठाया। इस दौरान खुलासा हुआ कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर के दौरान हादसाग्रस्त होने से बीते 3 वर्षों में 7560 यात्रियों की मौत हुई है। जबकि 7293 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया था कि पिछले 8 वर्षो में रेलवे से जुड़े हादसों में 8273 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
साल 2025 के पहले पांच महीनों में ही 443 लोगों की जान गई है। इनमें सर्वाधिक मौतें पटरी पार करते समय या फिर तेज रफ्तार लोकल ट्रेनों के गेट पर लटकने के दौरान यात्रियों के गिरने की वजह से हो रही हैं।
क्या है सरकार की तैयारी?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री से उपनगरीय रेलवे को मेट्रो जैसे डिब्बे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
साीएम देवेंद्र ने कहा कि मुंबई में यात्रियों के लिए उपनगरीय रेलवे के सभी डिब्बे मेट्रो की तरह AC और बंद दरवाजों वाले होंगे। यह सेवा यात्रियों को बिना टिकट की कीमत बढ़ाए उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं मुंबईकर मेट्रो, रेलवे, मोनोरेल और बेस्ट बसों में एक ही टिकट पर यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए एक एकीकृत टिकट प्रणाली भी विकसित की जा रही है।
आधुनिक-सर्वसमावेशी शहर बनाने को प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मुंबई को एक आधुनिक, सर्वसमावेशी शहर में बदलने और एक प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार धारावी पुनर्विकास परियोजना में स्थानीय लोगों को घर उपलब्ध कराए जाएंगे। धारावी के झुग्गीवासियों का धारावी में ही पुनर्वास किया जाएगा और उद्यमियों को वहीं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
नवी मुंबई में पांच अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय स्थापित
अच्छी व्यवस्था बनाकर छोटे उद्यमियों को संगठित क्षेत्र में लाया जाएगा। अगले पांच वर्षों के लिए कर में छूट देने का भी निर्णय लिया गया है। इसी तरह नवी मुंबई में पांच अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अलग-अलग परिसर स्थापित करने की महत्वाकांक्षी पहल की गई है। इसमें 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय महाराष्ट्र में आ रहे हैं।
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम लागू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्य के लिए 30 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। राज्य में 13,560 पदों के लिए पुलिस भर्ती आयोजित की जाएगी। पिछले 3 वर्षों में 38,802 पदों के लिए पुलिस भर्ती आयोजित की गई है। वाढवण बंदरगाह के माध्यम से वाणिज्यिक परिवहन, निर्यात-विकास और औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा दिया जाएगा। मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जमानत छूटने के बाद फिर से सक्रिय होनेवाले अपराधियों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम’ लागू करने के लिए कानून में संशोधन किया जाएगा।
