सोयगांव बोगस रजिस्ट्री मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रभारी दुय्यम निबंधक निलंबित, सांसद भुमरे की आक्रामक भूमिका

Soygaon Bogus Registry Case: छत्रपति संभाजीनगर के सोयगांव दुय्यम निबंधक कार्यालय में प्रभारी दुय्यम निबंधक दीपक एच. रावलकर को निलंबित कर दिया गया है।
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संदिपान भूमरे(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Registry Case: छत्रपति संभाजीनगर जिले के सोयगांव स्थित दुय्यम निबंधक कार्यालय में नियमबाह्य दस्तों की नोंदणी और छुट्टी के दिन कार्यालय खोलकर नोंदणी प्रक्रिया चलाने के गंभीर मामले में प्रभारी सह दुय्यम निबंधक तथा कनिष्ठ लिपिक दीपक एच. रावलकर को निलंबित कर दिया गया है। निबंधन महानिरीक्षक एवं मुद्रांक नियंत्रक, महाराष्ट्र राज्य, पुणे ने 31 अगस्त को निलंबन का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई से कथित बोगस रजिस्ट्री मामले में नया मोड आया है।

250 में से 172 दस्त बाहर के तालुकों के निबंधन विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 27 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच सोयगांव कार्यालय में 252 दस्त नोंदणी के लिए स्वीकार किए गए। इनमें से 250 दस्तों की नोंदणी पूरी हुई, जबकि दो दस्त लंबित रखे गए। ‘एक जिला एक नोंदणी’ योजना के तहत सोयगांव तालुका के अलावा अन्य तालुकों के 172 दस्तों की नोंदणी किए जाने का उल्लेख जांच रिपोर्ट में है। इनमें से एक दस्त की नोंदणी के दौरान शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई।

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रविवार को भी खुला कार्यालय

मामले में सबसे गंभीर तथ्य यह है कि 9 अगस्त 2026 को रविवार के दिन कार्यालय खोलकर नोंदणी प्रक्रिया पूरी की गई। आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारी ने 209 दस्तों पर आय-सरिता प्रणाली में पंचवा शिक्का पूर्ण कर नोंदणी प्रक्रिया पूरी की। शासकीय अवकाश के दिन बिना अनुमति कार्यालय शुरू करना गंभीर अनियमितता माना गया।

भूमरे ने उठाया था सवाल

जिले में बोगस और नियमबाह्य दस्तों की नोंदणी को लेकर सांसद संदिपान भुमरे ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि बोगस दस्त तैयार करने वालों पर कार्रवाई होती है, लेकिन ऐसे दस्तों की आधिकारिक नोंदणी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं होती। भूमरे की आक्रामक भूमिका के बाद हुई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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