

Amravati 8.37 Crore ICU Equipment Presentation: सरकारी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड के लिए खरीदे गए 8.37 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों के प्रेजेंटेशन को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है।
खरीद समिति के अध्यक्ष व जिलाधिकारी आशीष येरेकर को अंधेरे में रखकर कार्यक्रम आयोजित करने पर डीन डॉ. नंदकिशोर राऊत को कड़ी फटकार लगाई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपरिपक्व और मनमाने रवैये पर सख्त रुख जिला नियोजन समिति और खनन प्रतिष्ठान के फंड से 8.37 करोड़ रुपये की लागत से वेंटिलेटर व अन्य आईसीयू उपकरण खरीदे गए हैं।
नियमानुसार, उपकरणों के प्रदर्शन और प्रेजेंटेशन के लिए समिति अध्यक्ष की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है। हालांकि, डीन डॉ. राऊत ने बिना किसी मंजूरी के ही 24 अगस्त को कार्यक्रम तय कर पत्र जारी कर दिया। ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अमरावती जिलाधिकारी ने 22 अगस्त को कारण बताओ पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना की गई इस एकतरफा कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी डीन की होगी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
सेवानिवृत्ति से पहले जल्दबाजी पर सवाल उठ रहे है। चर्चा है कि डीन डॉ. राऊत 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके चलते बिलों के जल्द भुगतान की होड़ में यह प्रक्रिया अपनाई गई। जिलाधिकारी के रुख के बाद इस मनमाने कार्यक्रम पर पानी फिर गया है।
डीन डॉ. नंदकिशोर राऊत ने कहा कि पालकमंत्री के माध्यम से जिलाधिकारी दबाव बना रहे है। शायद उनकी अपेक्षा पूरी नहीं होने से यह मामला उठ रहा है। सेवानिवृत्ती के बाद प्रेसवार्ता के माध्यम से अपनी भूमिका रखुगां।
जिलाधिकारी तथा समिति अध्यक्ष आशीष येरेकर ने कहा है कि समिति अध्यक्ष की पूर्व अनुमति के बिना ही कार्यक्रम रखा गया। इस मामले पर नियमबाह्य कार्रवाई के लिए पत्र दिया गया है।