

Chhatrapati Sambhajinagar Bus Safety: स्मार्ट सिटी बस सेवा में हाल के दिनों में सामने आई आग लगने और टायर निकलने की घटनाओं के बाद मनपा ने बसों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने शुक्रवार को जाधवमंडी स्थित स्मार्ट सिटी बस डिपो का निरीक्षण किया और 15 दिन का विशेष ‘सेफ्टी ड्राइव’ चलाने के निर्देश दिए।
इस दौरान हर बस की तकनीकी और यांत्रिक स्थिति की बारीकी से जांच की जाएगी। निर्धारित चेकलिस्ट में दर्ज सभी बिंदुओं की पुष्टि होने के बाद ही बस को मार्ग पर उतारने की अनुमति होगी।
पिछले दो सप्ताह में स्मार्ट सिटी बसों से जुड़ी दो घटनाएं सामने आई थीं। रेलवे स्टेशन परिसर में एक स्मार्ट बस की वायरिंग में आग लगने के बाद धुआं निकलने लगा था। वहीं, खुलताबाद घाट क्षेत्र में एक बस का टायर निकल गया था। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त येडगे ने बसों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
आयुक्त येडगे ने कहा कि बस को सड़क पर उतारने से पहले उसकी पूरी तकनीकी जांच होनी चाहिए। बस की ग्रीसिंग, नट-बोल्ट की स्थिति, टायरों की हालत और टायर में हवा का दबाव जांचना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण यांत्रिक हिस्सों की भी जांच की जाएगी।
ई-बसों समेत पूरे बस बेड़े में बैटरी और वायरिंग की जांच को भी प्राथमिकता दी जाएगी। डिपो स्तर पर नियमित रूप से बैटरी और वायरिंग कनेक्शन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं लूज कनेक्शन, वायरिंग में खराबी या अन्य तकनीकी समस्या तो नहीं है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि टायर निकलने या बस में आग लगने जैसी घटनाएं यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बस की सुरक्षा के लिए चालक की जिम्मेदारी भी तय की गई है। बस को मार्ग पर ले जाने से पहले चालक को चेकलिस्ट में शामिल सभी सुरक्षा बिंदुओं की पुष्टि करनी होगी। जब तक सभी बिंदु संतोषजनक नहीं पाए जाते, तब तक चालक बस को डिपो से बाहर नहीं ले जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक बस बेड़े में शामिल 34 बसों की तकनीकी जांच पूरी करने के भी निर्देश दिए गए हैं। बस को चार्ज करने और उसके बाद परीक्षण करने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए 17 सितंबर से पहले सभी 34 बसों की जांच पूरी करने को कहा गया है। इसके साथ ही आने वाले समय में शामिल होने वाली 27 नई पीएम ई-बसों के लिए भी पहले से तैयारी की जाएगी। उपलब्ध चार्जर इन बसों के अनुकूल हैं या नहीं, उनकी चार्जिंग क्षमता पर्याप्त है या नहीं और इलेक्ट्रिकल व्यवस्था सही है या नहीं, इसकी अग्रिम जांच की जाएगी।
बस चालकों की नियुक्ति के दौरान उनके बैज, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, कम से कम तीन वर्ष के वाहन चलाने के अनुभव और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योग्य और सक्षम चालकों की ही नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त अमोल येडगे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बस सेवा में सुरक्षा से जुड़ी किसी भी खामी को नजरअंदाज न किया जाए। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संभावित हादसों को रोकने के लिए सभी जरूरी प्रतिबंधात्मक उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं।