

Sambhajinagar Mahayuti Seat Sharing: मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव घोषित होते ही महायुति में सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। करीब 18 वर्षों से इस सीट पर राकांपा (अजीत गुट) के विधायक सतीश चव्हाण का प्रभाव बना हुआ है।
राज्य की सत्ता में अजीत गुट महायुति का हिस्सा होने के कारण इस बार भाजपा के सामने सहयोगी दल के मौजूदा विधायक के लिए सीट छोड़ने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। यह निर्वाचन क्षेत्र कभी भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था।
भाजपा के चुनाव प्रमुख एवं पूर्व विधायक संजय केणेकर के अनुसार, मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी ने करीब 2 लाख मतदाताओं का पंजीयन पूरा कर लिया है। तहसील स्तर पर बूथ संरचना और संगठनात्मक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
केणेकर ने कहा कि भाजपा की पूरी चुनावी मशीनरी मैदान में उतरने के लिए तैयार है। हालांकि, महायुति में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। नेतृत्व जो निर्णय लेगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।
मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सतीश चव्हाण लगातार 3 कार्यकाल से जीत दर्ज करते आए हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन उम्मीदवार श्रीकांत जोशी को हराया था। इसके बाद भाजपा ने लगातार दो चुनावों में शिरीष बोरालकर को मैदान में उतारा लेकिन दोनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा ने सतीश चव्हाण को चुनौती देने के लिए पूर्व विधायक संजय केणेकर को चुनाव प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी थी। पार्टी ने सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी एनके देशमुख को भी संगठन से जोड़ा और मतदाता पंजीयन अभियान की जिम्मेदारी दी।
इसके बाद तहसील स्तर पर बूथ संरचना तैयार की गई और करीब 2 लाख स्नातक मतदाताओं का पंजीयन किए जाने का दावा किया गया। भाजपा की ओर से चुनावी तैयारी लगभग पूरी होने के बावजूद अब महायुति के राजनीतिक समीकरणों के कारण पार्टी के स्थानीय दावेदारों की उम्मीदों पर सवाल खड़े हो गए हैं।