

Maharashtra Recruitment Exam: राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए अब परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक पूरी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी। भर्ती परीक्षा उच्चस्तरीय कार्यबल की अध्यक्ष तथा सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने कहा कि परीक्षा कार्यक्रम, प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र, पर्यवेक्षक, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया सहित सभी चरणों का अध्ययन कर सरकार को सुधारों की सिफारिशें दी जाएंगी।
अगली भर्ती परीक्षा के लिए करीब 12 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जबकि कार्यबल को अब तक 20 हजार से अधिक ई-मेल मिल चुके हैं और करीब 1,750 अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया जा चुका है। छत्रपति संभाजीनगर के स्मार्ट सिटी कार्यालय में अभ्यर्थियों से संवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत में वी. राधा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे, नागपुर और अमरावती में अभ्यर्थियों से संवाद के दौरान परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को विस्तार से दर्ज किया गया है। प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
वी. राधा के अनुसार, अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार का निश्चित कैलेंडर पहले ही घोषित किया जाए। इससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा और भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता कम होगी।
अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली में बार-बार बदलाव नहीं करने तथा बदलाव जरूरी होने पर पर्याप्त समय पहले सूचना देने की मांग की है। एक बार पंजीकरण और शुल्क की व्यवस्था, प्रश्नपत्र की गुणवत्ता सुधारने तथा उत्तर कुंजी और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच को अधिक पारदर्शी बनाने के सुझाव भी मिले हैं।
कार्यबल ने अब तक पुणे में करीब 600, नागपुर में 350 और अमरावती में करीब 800 अभ्यर्थियों से संवाद किया है। इस तरह करीब 1,750 अभ्यर्थियों की राय सीधे दर्ज की गई है। इसके अलावा 20 हजार से अधिक ई-मेल प्राप्त हुए हैं, जबकि 1,400 से अधिक लोगों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ज्ञापन दिए हैं। इन सुझावों में परीक्षा केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं, पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण, परिणाम और नियुक्ति समय पर घोषित करने तथा भर्ती प्रक्रिया में होने वाले विलंब को कम करने की मांग प्रमुख है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की परीक्षाओं में अनियमितता रोकने के लिए सुरक्षित व्यवस्था विकसित करने पर भी कार्यबल विचार करेगा। प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए अन्य राज्यों तथा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पद्धति का अध्ययन किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों के लिए न्यूनतम मानक तय करने, पर्यवेक्षकों के चयन और प्रशिक्षण तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण के लिए मानक कार्यप्रणाली बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। अलग-अलग सत्रों में होने वाली परीक्षाओं के सामान्यीकरण की प्रक्रिया को भी स्पष्ट करने का अध्ययन किया जाएगा।
किसी कारण से परीक्षा रद्द करने की स्थिति में स्पष्ट प्रक्रिया तय करने पर भी कार्यबल विचार करेगा। चयनित अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रखने, परिणाम और प्रतीक्षा सूची समय पर जारी करने तथा नियुक्ति में होने वाले विलंब को कम करने के उपाय सुझाए जाएंगे। परीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण आयु सीमा पार करने वाले अभ्यर्थियों को होने वाले संभावित नुकसान का भी अध्ययन किया जाएगा।
कार्यबल के सदस्य एवं पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते ने कहा कि अभ्यर्थियों से प्राप्त सुझावों का दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। सदस्य सचिव डॉ. एन. रामास्वामी ने परीक्षा केंद्रों की गुणवत्ता, पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण, डिजिटल तकनीक और केंद्रों के निरीक्षण की आवश्यकता बताई। प्रवीण गेडाम ने कहा कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा पद्धति, केंद्रों की सुविधाओं, प्रतीक्षा सूची और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच से संबंधित सुझाव दिए हैं।
कार्यबल का विभागवार दौरा 30 सितंबर तक पूरा होगा। इसके बाद तीन माह में सरकार को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। वी. राधा ने कहा कि अभ्यर्थियों, अभिभावकों और विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर भर्ती परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय, प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए सरकार को सिफारिशें दी जाएंगी। इस अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत और जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. भी उपस्थित थे।