

JSW Greentech Ampstar EV Plant Chhatrapati Sambhajinagar: औद्योगिक विकास के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे छत्रपति संभाजीनगर को इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है। जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक ने शहर में अपने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन ब्रांड ‘एम्पस्टार’ को उतारते हुए करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने रखी है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित मित्तल के नेतृत्व में तैयार किए गए इस प्रकल्प के तहत छत्रपति संभाजीनगर में 90 एकड़ में अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किया गया है। यहां प्रतिवर्ष 15 हजार इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की क्षमता विकसित की गई है। इनमें 10 हजार बसें और पांच हजार ट्रक शामिल होंगे।
एम्पस्टार के साथ जेएसडब्ल्यू ने ऐसे समय में इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में प्रवेश किया है, जब देश में भारी वाहनों के विद्युतीकरण पर जोर बढ़ रहा है। कंपनी की योजना छत्रपति संभाजीनगर को केवल उत्पादन केंद्र तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक ट्रक-बसों के विकास, बैटरी संयोजन और संबंधित सेवाओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की है।
सुमित मित्तल के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर की परियोजना को तैयार करने में करीब 16 महीने लगे। 90 एकड़ में फैले संयंत्र में ट्रक केबिन निर्माण, इलेक्ट्रिक बसों की बॉडी तैयार करने और बैटरी पैक संयोजन की सुविधाएं विकसित की गई हैं। कंपनी ने यहां उत्पादन को भारतीय परिस्थितियों और वाणिज्यिक परिवहन की जरूरतों के अनुरूप रखने पर जोर दिया है।
एम्पस्टार के माध्यम से कंपनी शुरुआत भारी वाणिज्यिक वाहनों से कर रही है। पहला वाहन 55 टन क्षमता वाला इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रेलर होगा। इसके अलावा 12 मीटर की इलेक्ट्रिक बस भी प्रदर्शित की गई है। आगे चलकर कंपनी ट्रक और बसों की अन्य श्रेणियों में विस्तार करेगी।
जेएसडब्ल्यू के छत्रपति संभाजीनगर संयंत्र की वार्षिक क्षमता 15 हजार वाहनों की है। इसमें 10 हजार इलेक्ट्रिक बस और पांच हजार इलेक्ट्रिक ट्रक बनाए जा सकेंगे। कंपनी ने शुरुआती चरण में उत्पादन को सीमित रखते हुए बाजार की मांग और ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है।
कंपनी के अनुसार, वाणिज्यिक उत्पादन के लिए आवश्यक अंतिम मंजूरियां मिलने के बाद उत्पादन शुरू किया जा सकता है। शुरुआती छह महीनों में करीब दो हजार वाहनों की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है।
जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित मित्तल ने एम्पस्टार की रणनीति में ग्राहक की जरूरत को केंद्र में रखा है। उनका कहना है कि कंपनी केवल वाहन बेचने के बजाय परिवहन संचालकों को उनकी परिचालन जरूरत के अनुसार समाधान उपलब्ध कराएगी।
मित्तल के अनुसार भारी वाणिज्यिक वाहनों में वाहन की लागत के साथ उसकी संचालन लागत भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए एम्पस्टार के साथ चार्जिंग, बैटरी, रखरखाव और वित्तीय सुविधा जैसे विकल्पों को भी जोड़ा जा रहा है। कुछ ग्राहकों के लिए बैटरी बदलने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।
एम्पस्टार के लिए जेएसडब्ल्यू समूह का अपना वाणिज्यिक वाहन बेड़ा शुरुआती अवसर उपलब्ध कराएगा। समूह के इस्पात, सीमेंट और बंदरगाह कारोबार में करीब 17 हजार ट्रक चलते हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे मार्गों पर संचालित होती है जहां दूरी और परिचालन पहले से निर्धारित रहता है। कंपनी के अनुसार ऐसे मार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए चार्जिंग या बैटरी बदलने की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत आसान होगा।
मित्तल के नेतृत्व में कंपनी अपने आंतरिक परिवहन परिचालन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इससे वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में वाहनों के प्रदर्शन का आकलन करने में मदद मिलेगी।
छत्रपति संभाजीनगर संयंत्र में बैटरी पैक संयोजन की सुविधा भी विकसित की गई है। शुरुआत में बैटरी सेल का आयात किया जाएगा, जबकि कई अन्य घटकों के स्थानीय स्तर पर निर्माण की योजना है। कंपनी का लक्ष्य समय के साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
एम्पस्टार ग्राहकों को वाहन खरीदने के अलावा अन्य वित्तीय विकल्प भी देने की तैयारी में है। कंपनी का जोर वाहन की कुल संचालन लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने पर है, ताकि वाणिज्यिक वाहन संचालकों के लिए डीजल से इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बदलाव व्यावहारिक हो सके।
छत्रपति संभाजीनगर पहले से ही ऑटोमोबाइल और औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक की एम्पस्टार परियोजना से शहर की औद्योगिक पहचान को इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन निर्माण से जोड़ने का अवसर मिला है।
सुमित मित्तल की अगुवाई में 2,500 करोड़ रुपये का यह निवेश छत्रपति संभाजीनगर में इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण की नई क्षमता तैयार कर रहा है। कंपनी की उत्पादन योजना आकार लेने के साथ शहर में वाहन निर्माण के साथ बैटरी, कलपुर्जे, सेवा और सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर बनने की संभावना है।