

Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Banner Fine: छत्रपति संभाजीनगर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में विज्ञापन के नाम पर सार्वजनिक स्थानों के बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ महानगरपालिका ने अब सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को हडको-टीवी सेंटर क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान में 100 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
इस दौरान नियमों का उल्लंघन कर लगाए गए बैनर, पोस्टर, सूचना पट्ट, दीवारों पर प्रचार सामग्री और पर्चे मिलने पर 20 प्रतिष्ठानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। एक ही दिन में डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दायरे में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, कपड़ा दुकान, भोजनालय, खरीदारी केंद्र सहित कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान आए।
अभियान के दौरान टीवी सेंटर रोड स्थित चाटे कोचिंग क्लासेस के यहां सड़क पर लगाया गया विज्ञापन बोर्ड और इमारत पर लगा प्रचार बोर्ड भी महानगरपालिका की कार्रवाई के दायरे में आया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़क, फुटपाथ अथवा अन्य सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति विज्ञापन बोर्ड लगाना नियमों का उल्लंघन है। इसी तरह भवन की बाहरी दीवार या ऐसे हिस्से पर प्रचार सामग्री लगाना भी निर्धारित नियमों के अधीन है।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के नागरिक मित्र दल तथा ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जहां भी अनधिकृत प्रचार सामग्री मिली, वहां तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया।
महानगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक प्रतिष्ठान पर उल्लंघन की प्रकृति और प्रचार सामग्री के आकार के आधार पर अलग-अलग जुर्माना लगाया गया। यह राशि करीब 5 हजार से 50 हजार रुपये तक रही। पूरे अभियान में डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
महानगरपालिका की अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के कारोबारियों में हलचल मच गई। कई प्रतिष्ठानों को भविष्य में बिना अनुमति बैनर, पोस्टर अथवा अन्य प्रचार सामग्री नहीं लगाने की चेतावनी भी दी गई।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका प्रशासन का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और बाजारों में जगह-जगह अनधिकृत विज्ञापन सामग्री लगाने से शहर का स्वरूप बिगड़ रहा है। बिजली के खंभों, दीवारों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टर और बैनर न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित करते हैं, बल्कि कई बार यातायात और पैदल चलने वालों के लिए भी परेशानी पैदा करते हैं।
इसी वजह से छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने अब केवल शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के बजाय नियमित निरीक्षण की नीति अपनाने का निर्णय लिया है। हडको-टीवी सेंटर की कार्रवाई को इसी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के अनुसार, आने वाले दिनों में शहर के अन्य प्रमुख मार्गों, चौक, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे। बिना अनुमति लगाए गए बैनर, पोस्टर, सूचना पट्ट, दीवार लेखन और अन्य प्रचार सामग्री को हटाने के साथ संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कारोबारियों से कहा है कि प्रचार सामग्री लगाने से पहले निर्धारित अनुमति लेना आवश्यक है। अनुमति के बिना लगाए गए विज्ञापन को किसी भी स्थिति में वैध नहीं माना जाएगा।
अभियान के दौरान छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर भी सख्त संदेश दिया। सड़क, फुटपाथ अथवा सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे के मार्गदर्शन और उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे के नियोजन में चलाए गए इस अभियान के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर को अनधिकृत विज्ञापन और गंदगी से मुक्त कराने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
आयुक्त अमोल येडगे ने नागरिकों और कारोबारियों से अपील की कि वे विज्ञापन लगाने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करें। उनका कहना है कि स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित छत्रपति संभाजीनगर के लिए केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि व्यापारियों और नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।