

Sambhajinagar 25 Corporators Disqualification: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के 25 नगरसेवकों की सदस्यता को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक जांच का रूप ले लिया है। अपात्रता की मांग को लेकर दाखिल शिकायतों पर सोमवार से महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने सुनवाई शुरू कर दी।
पहले चरण में नौ नगरसेवकों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। इनमें से आठ ने शिकायतों से संबंधित दस्तावेज जुटाने और विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए समय मांगा। वहीं एमआईएम के नगरसेवक खान अब्दुल मतीन ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
महानगरपालिका में कुल 115 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं। इनमें से 25 के खिलाफ अलग-अलग आधार पर शिकायतें दाखिल की गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित नगरसेवकों को अपात्र घोषित करने की मांग की है। प्रशासन ने सभी संबंधित नगरसेवकों को नोटिस जारी कर अब चरणबद्ध तरीके से सुनवाई शुरू की है।
सुनवाई के दौरान नगरसेवक अपने वकीलों के साथ महानगरपालिका कार्यालय पहुंचे। आयुक्त ने संबंधित नगरसेवकों को आरोपों का जवाब देने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया। शिकायतकर्ताओं को भी अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य और पक्ष रखने की अनुमति दी गई है। आठ नगर सेवकों की मांग पर अगली सुनवाई की तारीख तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मतीन खान ने दावा किया कि शहागंज-चमन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। उनके अनुसार, उनके नाम से मिलता-जुलता नाम रखने वाला दूसरा नगरसेवक वहां मौजूद था, जिसके कारण गलत पहचान के आधार पर शिकायत की गई।
आयुक्त अमोल येडगे ने मामले की वास्तविकता जांचने के लिए अतिक्रमण हटाने वाले विभाग के पास उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच के निर्देश दिए हैं। अब वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मतीन खान की घटनास्थल पर मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा के जिन नगरसेवकों की शिकायतों पर सोमवार को सुनवाई हुई उनमें अभिजीत जीवन वाल, गणेश नावंदर, नूरजहां इकबाल, फिरोज खान मोईनुद्दीन खान, खान अब्दुल मतीन, मोहम्मद वसीम, सैयद सोहेल, मेराज खान और मुंशी पटेल। शिकायतों, जवाबों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही 25 नगरसेवकों की अपात्रता को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।