संभाजीनगर के विवादित जमीन पर न करें निर्माण, रोशन गेट क्षेत्र में औरंगाबाद खंडपीठ ने जिलाधिकारी को दिए निर्देश

Roshan Gate Land Dispute:संभाजीनगर के रोशन गेट की विवादित जमीन पर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने निर्माण रोकने और तारों की बाड़ लगाने के निर्देश दिए।अतिक्रमण व अवैध गतिविधियों पर भी सख्ती होगी।
Sambhajinagar Roshan Gate Disputed Land High Court
संभाजीनगर रोशन गेट विवादित भूमि हाई कोर्टसोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने रोशन गेट की विवादित जमीन पर निर्माण रोकने के निर्देश दिए।

  • जिलाधिकारी को पूरी जमीन के चारों ओर तारों की बाड़ लगाने को कहा गया।

  • अदालत ने अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

  • मनपा और प्रशासन ने जमीन पर किसी निर्माण की योजना से इनकार किया।

  • 5 अगस्त 2004 के अंतरिम न्यायालयीन आदेश का पालन करने की बात कही गई।

Sambhajinagar Roshan Gate Disputed Land High Court: छत्रपति संभाजीनगर के रोशन गेट क्षेत्र की विवादित जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने जिलाधिकारी को जमीन के चारों ओर तारों की बाड़ लगाने, अतिक्रमण रोकने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन और मनपा ने अदालत को आश्वस्त किया कि जमीन पर निर्माण की कोई योजना नहीं है।

रोशन गेट की विवादित जमीन पर निर्माण पर रोक

छत्रपति संभाजीनगर शहर के रोशन गेट क्षेत्र स्थित विवादित जमीन पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने इस संबंध में जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अदालत ने पूरी जमीन के चारों ओर तारों की बाड़ लगाने, अतिक्रमण रोकने और असामाजिक तत्वों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने को कहा है।

यह मामला पुराने सर्वे नंबर 36/1 और नए सीटीएस नंबर 12091 पर स्थित जमीन से जुड़ा है। इस भूमि को लेकर सुभाष बरलोटा के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक मोहम्मद अब्दुल शकील ने दीवानी याचिका दायर की है।

2004 के अंतरिम आदेश का मामला

याचिका में बताया गया कि वर्ष 2004 में दायर मामले में अदालत ने 5 अगस्त 2004 को अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके तहत सहकारिता मंत्री के 16 फरवरी 2004 के आदेश पर स्थगनादेश देते हुए जिलाधिकारी और परिसमापक को संबंधित जमीन का कब्जा लेकर उसे अतिक्रमण और अवैध बिक्री से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे।

हालिया सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल बजाज ने अदालत को बताया कि संबंधित भूमि पर मशीनों और जेसीबी की मदद से सफाई तथा समतलीकरण का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मनपा की ओर से वहां खेल मैदान बनाने की योजना है।

Sambhajinagar Roshan Gate Disputed Land High Court
लंदन से भारत लौटी महिला की पुणे के फ्लैट में मिली लाश, फूड डिलीवरी के बिल से परिवार को लगा था सुराग

मनपा और प्रशासन से मांगा जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने सरकारी वकील और मनपा के वकील को तत्काल जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त तथा मनपा प्रशासन से निर्देश लेने को कहा। दूसरे सत्र में सरकार और मनपा की ओर से अदालत को बताया गया कि विवादित जमीन पर निर्माण के संबंध में न तो कोई प्रस्ताव तैयार किया गया है और न ही कोई प्रस्ताव मंजूर हुआ है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन पर कोई आरक्षण नहीं है और वहां निर्माण करने या किसी अन्य व्यक्ति को निर्माण की अनुमति देने का कोई विचार नहीं है।

Sambhajinagar Roshan Gate Disputed Land High Court
पुरानी रंजिश में दो भाइयों पर जानलेवा वार, नासिक के बीड़ कामगार नगर में वारदात, 11 पर FIR

कोर्ट के आदेश का करेंगे पालन : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने अदालत को बताया कि जमीन पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही रोकने और वहां जमा कचरा तथा मलबा हटाने के उद्देश्य से सफाई और समतलीकरण का काम किया जा रहा था। प्रशासन और मनपा ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि वे 5 अगस्त 2004 के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य हैं और विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण प्रस्तावित नहीं है।

पूरी जमीन के चारों ओर बाड़ लगाने के निर्देश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने जिलाधिकारी को पूरी जमीन के चारों ओर तारों की बाड़ लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि विवादित भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाए। साथ ही यदि कोई निजी व्यक्ति या अन्य पक्ष न्यायालयीन आदेश का उल्लंघन करते हुए जमीन पर अतिक्रमण करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।