

छात्राओं की उम्र 14 से 15 वर्ष बताई गई।
भारत में हर साल 1.27 लाख नए मामले।
करीब 79,900 महिलाओं की सालाना मौत का अनुमान।
टीका लगवाने वाली छात्राओं का कार्यशाला में सम्मान।
HPV Vaccination In Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर बेटियों को गर्भाशयमुख के कैंसर से बचाने के लिए महानगरपालिका अब एचपीवी टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर गति देने की तैयारी में है। महापौर समीर राजूरकर ने इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए टीकाकरण को लेकर समाज में फैली अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों को जागरूकता अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया है।
दिवाली की छुट्टियां समाप्त होने के बाद शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। महापौर ने कहा कि शिक्षकों, अभिभावकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से ही बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि गर्भाशयमुख का कैंसर महिलाओं के स्वास्थ्य के सामने गंभीर चुनौती है। इस बीमारी के कारण देश में हर वर्ष हजारों महिलाओं की मृत्यु होती है। इसके बावजूद एचपीवी टीकाकरण को लेकर समाज में अनेक प्रकार की गलत धारणाएं फैली हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए वैज्ञानिक जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में विश्वास का महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावकों से भी शिक्षकों का सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में वे टीकाकरण को लेकर लोगों की शंकाओं का समाधान करने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से मनपा और निजी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अलग-अलग कार्यशालाएं आयोजित करने की आवश्यकता है।
मनपा आयुक्त आयुक्त येडगे ने बताया कि महानगरपालिका के विद्यालयों में कार्यरत लगभग 300 कक्षाध्यापकों और प्रधानाचार्यों के लिए दिवाली की छुट्टियां समाप्त होने के बाद विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। निजी विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला आयोजित होने तक मनपा प्रशासन विभिन्न माध्यमों से एचपीवी टीकाकरण के संबंध में जनजागरण करेगा। अभिभावकों के मन में मौजूद शंकाओं को दूर करने और टीकाकरण का महत्व समझाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयुक्त येडगे ने बताया कि दिवाली की छुट्टियों के दौरान भी इच्छुक और पात्र लड़कियों के लिए छत्रपति संभाजीनगर मनपा के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अफवाहों और अधूरी जानकारी पर भरोसा करने के बजाय चिकित्सकों तथा अधिकृत स्वास्थ्य विभाग से मार्गदर्शन लें।
उपमहापौर राजेंद्र जंजाल ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आगे आना चाहिए। प्रत्येक प्रभाग में जागरूकता अभियान चलाने के साथ धार्मिक और सामाजिक स्थलों के माध्यम से भी अभिभावकों तक सही जानकारी पहुंचाई जानी चाहिए। बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि गर्भाशयमुख के कैंसर के लगभग सभी मामले उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण से संबंधित हैं। उचित आयु में लगाया गया एचपीवी टीका इस बीमारी से बचाव का प्रभावी उपाय है।
ग्लोबोकैन 2022 के अनुमान के अनुसार, भारत में हर वर्ष गर्भाशयमुख के कैंसर के लगभग 1.27 लाख नए मामले सामने आते हैं, जबकि करीब 79,900 महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है। ये आंकड़े बीमारी की गंभीरता को उजागर करते हैं। समय रहते टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
कार्यशाला में वेणुताई चव्हाण कन्या विद्यालय की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की उन छात्राओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने एचपीवी का टीका लगवाया है। उपस्थित अतिथियों ने छात्राओं का अभिनंदन करते हुए अन्य अभिभावकों से भी बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए टीकाकरण अभियान में सहयोग करने की अपील की। कार्यशाला में शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी जनजागरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यशाला में स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये, स्वास्थ्य समिति सभापति डॉ. सुनीता सालुंके, विरोधी पक्षनेता अब्दुल समीर साजिद, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, मनपा आयुक्त अमोल येडगे, अतिरिक्त आयुक्त कल्पिता पिंपले, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उज्ज्वला भांबरे और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेघा जोगदंड उपस्थित थे।
महानगरपालिका और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में एचपीवी टीकाकरण के महत्व और उससे जुड़ी भ्रांतियों पर चर्चा की गई।