गणपति विसर्जन के लिए छत्रपति संभाजीनगर तैयार, कृत्रिम तालाबों से लेकर मूर्ति दान केंद्र तक इंतजाम

Chhatrapati Sambhajinagar Ganesh Visarjan: संभाजीनगर में गणेश विसर्जन के लिए 21 स्थलों पर व्यवस्था की गई है। 1,450 कर्मचारी, 153 वाहन और 47 मूर्ति दान केंद्र पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन में मदद करेंगे।
Chhatrapati Sambhajinagar Ganesh Visarjan
संभाजीनगर में गणेश विसर्जन(सोर्स: AI)
Published on: 
Updated on: 

Ganesh Visarjan 1450 Staff 153 Vehicles: ढोल-नगाड़ों की गूंज, गुलाल की बौछार और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष जल्दी आना’ के जयघोष के बीच गणराय को विदाई देने के लिए शहर तैयार है। गणेश विसर्जन का दिन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए महानगरपालिका ने 1,450 कर्मचारियों और 153 वाहनों की व्यवस्था की है।

शहर के 21 प्रमुख विसर्जन स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा देने के लिए 47 मूर्ति दान केंद्र भी बनाए गए हैं।यह जानकारी महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने गुरुवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि विसर्जन के दौरान नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मिरवणूक मार्ग से लेकर विसर्जन स्थलों तक कर्मचारियों की तैनाती रहेगी और व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रखेंगे।

21 स्थानों पर विसर्जन की सुविधा

आयुक्त येडगे के अनुसार, जिला परिषद मैदान, औरंगपुरा, हडको एन-12, शिवाजीनगर और विभागीय खेल परिसर सहित शहर में कुल 21 स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है। इनमें 11 स्थानों पर प्राकृतिक कुएं और जलस्रोत, जबकि 10 स्थानों पर कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं।

विसर्जन से पहले महानगरपालिका, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों ने विसर्जन मार्ग का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण, बिजली व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मूर्ति और निर्माल्य के लिए अलग वाहन

विसर्जन के दौरान सड़क पर मूर्तियां और निर्माल्य न पड़े, इसके लिए अलग संग्रह व्यवस्था की गई है। मूर्तियों के लिए 50 वाहन और निर्माल्य संग्रह के लिए 45 वाहन तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त बिजली, जलापूर्ति, अग्निशमन और स्वच्छता गृह व्यवस्था के लिए भी वाहन उपलब्ध रहेंगे।

विसर्जन देर रात तक चलने की संभावना को देखते हुए सभी प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। प्रत्येक विसर्जन स्थल पर जनरेटर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मिरवणूक मार्ग और विसर्जन स्थलों पर महानगरपालिका के कर्मचारी सुबह से ही तैनात रहेंगे।

क्यूआर कोड से मिलेगी जानकारी

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने 47 मूर्ति दान केंद्र शुरू किए हैं। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर अपने आसपास के मूर्ति दान केंद्र की जानकारी और वहां पहुंचने का मार्ग देख सकेंगे।

आयुक्त अमोल येडगे ने नागरिकों और गणेश मंडलों से पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा देने के लिए मूर्ति दान केंद्रों का उपयोग करने की अपील की है। महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी भी अपने गणेश मंडलों की मूर्तियां दान करने की पहल करेंगे।

Chhatrapati Sambhajinagar Ganesh Visarjan
भारत गौरव ट्रेन: राजस्थान-खाटू श्याम जी-उज्जैन यात्रा का मौका, IRCTC लाया 18,670 रुपये में 12 दिन का खास पैकेज

1,450 कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय

विसर्जन व्यवस्था के लिए अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मूर्ति दान केंद्रों पर 500, निर्माल्य संग्रह के लिए 500, विसर्जन स्थलों पर 200, अग्निशमन व्यवस्था में 125, बिजली व्यवस्था के लिए 50, जलापूर्ति के लिए 2 और देवलाई कन्वेयर बेल्ट के लिए 10 कर्मचारी तैनात रहेंगे।

इस पूरी व्यवस्था के लिए कुल 1,450 कर्मचारियों की टीम मैदान में रहेगी। इसके अलावा 153 वाहनों की सहायता से मूर्ति संग्रह, निर्माल्य उठाने, स्वच्छता, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे।

Chhatrapati Sambhajinagar Ganesh Visarjan
पुणे स्नातक सीट पर किसका दावा? भाजपा-राकां आमने-सामने, शरद लाड और प्रताप माने के नाम चर्चा में

विसर्जन के बाद भी जारी रहेगा अभियान

महानगरपालिका की जिम्मेदारी विसर्जन के साथ समाप्त नहीं होगी। गणराय को विदाई देने के बाद मूर्तियों और निर्माल्य का संग्रह तत्काल शुरू किया जाएगा। इसके लिए अलग वाहन तैयार रखे गए हैं। मिरवणूक समाप्त होने तक वरिष्ठ अधिकारी भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद रहकर व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

आयुक्त अमोल येडगे ने नागरिकों से अपील की कि वे विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों का ही उपयोग करें, सड़क पर निर्माल्य न डालें और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन में सहयोग करें। महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित विसर्जन के लिए पूरी प्रशासनिक व्यवस्था मैदान में रहेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com