

Sambhajinagar Dangerous Buildings Demolition: बरसात के मौसम में जर्जर इमारतों के गिरने से जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को देखते हुए मनपा ने खतरनाक भवनों के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत बुधवार को सिटी चौक क्षेत्र में लगभग 80 वर्ष पुरानी दो तीन मंजिला जर्जर इमारतों को मशीनों की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई से पहले एक इमारत में रह रहे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका घरेलू सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। इसके बाद दोनों इमारतों को पूरी तरह गिरा दिया गया। मनपा के अतिक्रमण विभाग के प्रमुख संतोष वाहुले ने नवभारत को बताया कि प्रशासन द्वारा किए गए सर्वेक्षण में शहर की 41 इमारतें अत्यंत जर्जर और खतरनाक पाई गई हैं।
इन भवनों के मालिकों को पहले ही खुद से इमारत हटाने के लिए नोटिस जारी किया गए था। हालांकि कई मामलों में मालिक और किरायेदारों के विवाद तथा वर्षों से खाली पड़ी इमारतों के कारण कार्रवाई लंबित रही। नोटिस के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर मनपा आयुक्त अमोल येडगे के मार्गदर्शन में अतिक्रमण विभाग ने सीधे ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया।
बुधवार को अत्तर गली स्थित अमृत भाकरे और मोहम्मद सईद की संयुक्त स्वामित्व वाली लगभग 80 वर्ष पुरानी तीन मंजिला इमारत पर कार्रवाई की गई। यह भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका था और पिछले तीन से चार वर्षों से लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद इसे नहीं हटाया गया था। कार्रवाई के दौरान इससे सटी मोहम्मद सईद की जर्जर इमारत को भी ध्वस्त कर दिया गया।
इमारत के मालिक अमृत भाकरे ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा को आश्वासन दिया कि भवन में प्रयुक्त सागवान की लकड़ी तथा ध्वस्तीकरण के बाद निकला मलबा वे स्वयं हटाएंगे। कार्रवाई के दौरान उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
यह अभियान मनपा आयुक्त अमोल येडगे के मार्गदर्शन में तथा नियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के निर्देश तथा अतिक्रमण विभाग प्रमुख एवं उपायुक्त सविता सोनवणे के नेतृत्व में चलाया गया। इस दौरान जोन-1 की सहायक आयुक्त लता पुजारी, सहायक आयुक्त संजय सुरडकर, भवन निरीक्षक रवींद्र देसाई, अतिक्रमण हटाओ दल और नागरी मित्र पथक के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।