

Chhatrapati Sambhajinagar Development Plan: छत्रपति संभाजीनगर शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार को देखते हुए महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने वर्ष 2047 के विकसित और सुविधा-संपन्न छत्रपति संभाजीनगर की नींव अभी से मजबूत करने की पहल की है। इसी उद्देश्य से 5, 10, 15 और 20 वर्ष की जरूरतों को ध्यान में रखकर शहर के विकास का दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जाएगा। पानी, सार्वजनिक परिवहन, संपर्क व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं के साथ महानगरपालिका की आय बढ़ाने को भी योजना में प्रमुख स्थान दिया जाएगा।
आयुक्त अमोल येडगे ने ‘नवभारत’ कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान ‘नवभारत’ के ब्यूरो प्रमुख शफीउल्ला हुसैनी और ‘नवराष्ट्र’ के संस्करण प्रमुख अरुण चव्हाण के साथ उन्होंने शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर लंबी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर के वर्तमान प्रश्नों का समाधान करना जरूरी है, लेकिन आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की मजबूत नींव तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है।
महानगरपालिका शहर के विकास को केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट के माध्यम से 5, 10, 15 और 20 वर्ष की योजनाओं को एक साथ जोड़कर विकास की दिशा तय की जाएगी। बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार, यातायात का बढ़ता दबाव और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
आयुक्त येडगे ने पदभार संभालने के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया है। इससे प्रशासन के सामने मौजूद चुनौतियों के साथ विकास की संभावनाओं का भी आकलन किया गया है। जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, विकास योजना की सड़कों को गति देना, महानगरपालिका की आर्थिक क्षमता बढ़ाना और प्रशासन में तकनीक का अधिक उपयोग उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए 55 जलकुंभों की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें 20 से अधिक जलकुंभों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष जलकुंभों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है। छह जलकुंभों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है।
जायकवाड़ी से जल शोधन केंद्र तक कच्चे पानी की मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा चुका है। नई पाइपलाइन के बड़े हिस्से का जल दबाव परीक्षण पूरा हो चुका है। वितरण व्यवस्था में समय बचाने के लिए कुछ स्थानों पर परीक्षण और कुछ स्थानों पर पाइपलाइन के बीच के अंतर को दूर कर जोड़ने का काम साथ-साथ किया जा रहा है। कम दबाव वाली पाइपलाइन, मोड़, जोड़ और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की रहेगी। महानगरपालिका, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और कार्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए कार्यप्रणाली भी तैयार की गई है।
वर्ष 2047 की योजना में शहर का विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं रहेगा। हरित क्षेत्र, खुले स्थान और मनोरंजन के साधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सफारी उद्यान का काम अंतिम चरण में है। दूरदर्शन केंद्र से रोज उद्यान क्षेत्र तक केंद्रीय नगर उद्यान विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।
छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय, अनुसंधान केंद्र, सक्षम सार्वजनिक परिवहन तथा बेहतर आवागमन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर संपर्क व्यवस्था से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। नागरिकों की प्रतिक्रिया और सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास रहेगा।
शहर के विकास के लिए मजबूत आर्थिक आधार आवश्यक है। महानगरपालिका की वर्तमान कर मांग करीब 165 करोड़ रुपए है। कर के दायरे से बाहर रह गई विकसित संपत्तियों को कर व्यवस्था में लाने की तैयारी है। पुराने करों का पुनर्मूल्यांकन भी किया जाएगा।
नियमित करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना महानगरपालिका का राजस्व बढ़ाने पर जोर रहेगा। अनधिकृत भूखंड निर्माण पर नियंत्रण के साथ महानगरपालिका के स्वामित्व वाली संपत्तियों से आय प्राप्त करने की योजना भी बनाई जाएगी। भूमि के व्यावसायिक उपयोग की नीति के माध्यम से उपलब्ध संपत्तियों से आय के नए स्रोत विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।
सितंबर के बाद विकास योजना की सड़कों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्वीकृत सड़क चौड़ाई उपलब्ध कराने के साथ निर्माण कार्यों की अनुमति की जांच की जाएगी। अनधिकृत निर्माण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस अभियान का उद्देश्य भविष्य में सड़क विस्तार और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराना है। शहर के नियोजित विस्तार में विकास योजना की सड़कों को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
आयुक्त येडगे ने महानगरपालिका के कामकाज को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर भी जोर दिया है। कागजी फाइलों का उपयोग लगभग बंद कर इलेक्ट्रॉनिक फाइल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। इससे फाइल किस अधिकारी के पास है और कितने समय से लंबित है, इसकी निगरानी संभव हुई है।
विकास कार्यों के पहले और बाद के छायाचित्र तथा चलचित्र रखना अनिवार्य किया गया है। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र सहित नागरिकों को मिलने वाली विभिन्न सेवाएं अधिकाधिक ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम जारी है। उद्देश्य नागरिकों को घर बैठे अधिक से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
अमोल येडगे ने बताया कि अभियांत्रिकी शिक्षा पूरी करने के बाद निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़कर उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी की और दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। वर्ष 2014 में प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने उपविभागीय अधिकारी, सहायक जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिलाधिकारी सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
उन्होंने कहा कि पद और जिम्मेदारियां बदलती रहीं, लेकिन दल के साथ काम करना, शासन की प्राथमिकताओं को लागू करना और नागरिकों के लिए काम करना हमेशा केंद्र में रहा। अब महानगरपालिका आयुक्त के रूप में वर्तमान शहर की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ 2047 के शहर की मजबूत नींव तैयार करना प्राथमिकता है।
आयुक्त अमोल येडगे की पहल में वर्तमान समस्याओं के समाधान के साथ भविष्य की आवश्यकताओं पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। जलापूर्ति, परिवहन, हरियाली, नागरिक सुविधाओं और आर्थिक मजबूती को एक साथ लेकर चलने वाली दीर्घकालीन योजना के माध्यम से छत्रपति संभाजीनगर को आने वाले वर्षों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।