

Chhatrapati Sambhajinagar Elderly Death Funeral Refusal Case: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद उनके बेटे द्वारा अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेने से इनकार करने का मामला सामने आया है। परिवार की बेरुखी से वृद्धाश्रम की संचालक भी स्तब्ध रह गईं। पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए आगे आए।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बुजुर्ग रेलवे स्टेशन परिसर के पास अर्धांगघात की हालत में मिले थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उन्हें वृद्धाश्रम भेज दिया गया। वृद्धाश्रम की संचालक उमा तुपे ने बुजुर्ग के परिजनों की तलाश शुरू की और उनके बेटे तथा बहू का पता लगाया।
परिजनों का पता चलने के बावजूद बेटे ने पिता को घर ले जाने से इनकार कर दिया। उसने घर छोटा होने और परिवार में जल्द शादी होने का हवाला दिया। बेटे के अनुसार, पहले शादी होने दी जाए, इसके बाद पिता के बारे में देखा जाएगा। इसके बाद बुजुर्ग को वृद्धाश्रम में ही रखा गया।
अर्धांगघात के कारण बुजुर्ग की हालत लगातार खराब होती गई। उपचार और देखभाल के बावजूद उनका निधन हो गया। इसके बाद वृद्धाश्रम संचालक ने उनके बेटे को पिता की मौत की सूचना दी।
परिजनों की ओर से कथित तौर पर जवाब मिला कि वे अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी नहीं उठा पाएंगे। बेटे के इस रवैये से वृद्धाश्रम संचालक हैरान रह गईं। काफी देर तक परिजनों के नहीं पहुंचने पर उमा तुपे ने छत्रपति संभाजीनगर पुलिस में शिकायत करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
वृद्धाश्रम संचालक की सख्ती के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए आगे आया। घटना ने बुजुर्गों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।