

Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Plotting: छत्रपति संभाजीनगर शहर सीमा में तेजी से बढ़ रही अनधिकृत प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए अब मनपा और राजस्व विभाग ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। मनपा की कार्रवाई के बाद भी उन्हीं जमीनों पर दोबारा भूखंड काटकर बिक्री किए जाने की आशंका को देखते हुए संबंधित जमीनों के सातबारे ही ‘लॉक’ किए जाएंगे।
मनपा ने जिन 29 गटों में कार्रवाई की है, उन जमीनों का कुल क्षेत्रफल करीब 450 एकड़ है। इन गटों में पांच हजार से अधिक अनधिकृत भूखंड निष्कासित किए जा चुके हैं। अब संबंधित गटों के सातबारे लॉक होने के बाद अधिकृत ले-आउट मंजूर होने तक जमीन की खरीद-बिक्री के व्यवहार पर रोक लगाने की तैयारी है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में अनधिकृत प्लाटिंग के माध्यम से भूखंड काटकर उनकी बिक्री का सिलसिला लगातार सामने आ रहा था। शासन की ओर से अनधिकृत निर्माण और भूखंडों को नियमित करने के लिए गुंठेवारी योजना के तहत दिसंबर 2020 तक समय दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कई क्षेत्रों में बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के नई प्लाटिंग किए जाने की शिकायतें प्रशासन के सामने आईं।
इसी पृष्ठभूमि में मनपा ने पिछले महीने से अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान तेज किया। इस अभियान के तहत 29 गटों में कार्रवाई करते हुए करीब 450 एकड़ क्षेत्र में की गई प्लाटिंग को निष्कासित किया गया। कार्रवाई के दौरान पांच हजार से अधिक अवैध भूखंडों को हटाया गया। हालांकि, केवल प्लाट निष्कासित करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा था। संबंधित जमीनों पर दोबारा प्लाट काटकर बिक्री किए जाने की आशंका बनी हुई थी।
मनपा और राजस्व विभाग ने इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए संबंधित जमीनों के सातबारे लॉक करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनधिकृत प्लाटिंग वाली जमीन का ले-आउट मनपा से मंजूर हुए बिना उसके भूखंडों की खरीद-बिक्री न हो सके।
सातबारा अभिलेख पर प्रतिबंध लगने के बाद जमीन के व्यवहार पर प्रशासन की नजर रहेगी। इससे अनधिकृत प्लाटिंग करने वालों के साथ ही ऐसे भूखंड खरीदने वाले नागरिकों को भी सावधान रहने का संदेश जाएगा। प्रशासन का मानना है कि राजस्व अभिलेखों के स्तर पर ही रोक लगाने से अवैध भूखंडों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
सातबारा लॉक करने के निर्णय को लेकर बुधवार को मनपा मुख्यालय में मनपा आयुक्त अमोल येडगे की उपस्थिति में मेोपान और राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में अतिक्रमण हटाव विभाग के संनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले, उपायुक्त सविता सोनवणे, उपविभागीय अधिकारी डॉ. व्यंकट राठोड, तहसीलदार रामदास बीडवे तथा मनपा सीमा के पांच दुय्यम निबंधक उपस्थित थे। करीब एक घंटे चली बैठक में अनधिकृत प्लाटिंग वाली जमीनों के सातबारे लॉक करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित गटों की जानकारी राजस्व विभाग को उपलब्ध कराने के बाद आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
मनपा की ओर से गुरुवार को कार्रवाई किए गए 29 गटों के गटनंबर और क्षेत्रफल की गटनिहाय जानकारी राजस्व विभाग को सौंपी जाएगी। इसके बाद राजस्व विभाग संबंधित अभिलेखों की जांच कर सातबारा लॉक करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। मनपा के संनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले ने बताया कि गुरुवार को गटनिहाय रिपोर्ट राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस निर्णय से अनधिकृत प्लाटिंग करने वालों के लिए जमीन की खरीद-बिक्री का रास्ता कठिन होगा। संबंधित जमीन का अधिकृत ले-आउट मनपा से मंजूर होने तक उसके भूखंडों के व्यवहार पर रोक रहेगी। इससे बिना अनुमति भूखंड खरीदने वाले नागरिकों को भी संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। मनपा और राजस्व विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई शहर में बढ़ती अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।