एकोना खदान (सौजन्य-नवभारत)
Ekona Mine Coal Scam: चंद्रपुर जिले के WCL माजरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एकोना उपक्षेत्रीय कोयला खदान (भाग-2) में कोयला चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। 26 और 27 फरवरी को दो ट्रक कोयले से भरकर संदिग्ध तरीके से खदान परिसर से बाहर निकलने की घटना सीसीटीवी फुटेज में सामने आने के बाद वेकोलि प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले में माजरी क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक राकेश प्रसाद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच सुरक्षा गार्डों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार नागपुर की विधि विदेश ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक एमएच 34 बीजी 6147 26 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे कोयले से भरा हुआ खदान परिसर से स्वचालित बैरियर पार कर बाहर निकल गया। इसके बाद 27 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे एमएच 34 बीजी 4332 नंबर का दूसरा ट्रक भी इसी तरह कोयला लेकर बाहर निकल गया।
इस घटना पर संदेह होने के बाद डिस्पैच अधिकारी मुकेश गजभिये ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट दिखाई देने पर उन्होंने इसकी जानकारी वेकोलि माजरी क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक राकेश प्रसाद को दी। उनके निर्देश पर क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी एस। के। बैरवा ने वरोरा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
प्राथमिक जांच के बाद वेकोलि प्रशासन ने सुरक्षा गार्ड संदेश बेलेकर, गोकुल डंभारे, शंकर बोबडे, लव पारखी और मनोज माथनकर को तत्काल निलंबित कर दिया है। कोयला आपूर्ति विभाग का डीओ आवारपुर सीमेंट कंपनी का होने के कारण संबंधित कंपनी को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है और कोयला आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। मुख्य महाप्रबंधक राकेश प्रसाद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से कोयला चोरी की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई है और इस मामले की जानकारी डब्ल्यूसीएल मुख्यालय को भी भेज दी गई है। मामले की विस्तृत जांच अब सतर्कता विभाग की टीम द्वारा की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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गौरतलब है कि एकोना कोयला खदान पहले भी कोयला चोरी के मामलों को लेकर चर्चा में रही है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि यहां से करोड़ों रुपये का कोयला चोरी हो चुका है। सीसीटीवी व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद खदान से कोयला चोरी होना गंभीर मामला माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कोयला चोरी का मामला सामने आता है, तब जिम्मेदारी केवल सुरक्षा गार्डों पर डाल दी जाती है। इसलिए अब इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराने और असली आरोपियों को सामने लाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।