चंद्रपुर जिले में औसत 31.84 प्रतिशत जलसंग्रह, बारिश बढ़ने पर राहत की उम्मीद
Chandrapur Water Shortage: चंद्रपुर जिले के 98 जल परियोजनाओं में कुल 31.84 प्रतिशत उपयोगी जलसंग्रह दर्ज किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी बारिश से जलाशयों का स्तर और बढ़ेगा।
- Written By: केतकी मोडक
चंद्रपुर जलाशय प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Chandrapur Reservoir Level Rainfall: मानसून के धीरे-धीरे सक्रिय होने के साथ ही चंद्रपुर जिले के जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज होने से जलसंग्रह में वृद्धि हुई है, हालांकि अधिकांश जलाशय अभी भी अपनी पूर्ण क्षमता से काफी दूर हैं, जिसके चलते और बेहतर बारिश की आवश्यकता बनी हुई है।
चंद्रपुर सिंचाई परियोजना मंडल द्वारा मंगलवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले की 98 जल परियोजनाओं में कुल 101.380 दशलक्ष घनमीटर यानी 31.84 प्रतिशत उपयोगी जलसंग्रह उपलब्ध है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में 124 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि 1 जून से अब तक कुल 4,776 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में जलसंग्रह 32.72 प्रतिशत था। इस वर्ष का जलसंग्रह उससे थोड़ा कम है, लेकिन बारिश की रफ्तार बढ़ने पर आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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चंद्रपुर जिले की बड़ी और मध्यम 10 परियोजनाओं में 70.873 दशलक्ष घनमीटर (33.22 प्रतिशत) जलसंग्रह उपलब्ध है, जबकि 88 लघु परियोजनाओं में 30.507 दशलक्ष घनमीटर (29.05 प्रतिशत) पानी संग्रहित है। जिले के प्रमुख इरई जलाशय में 53.893 दशलक्ष घनमीटर (35.36 प्रतिशत) जलसंग्रह दर्ज किया गया है।
फिलहाल किसी भी जलाशय के गेट नहीं खोले गए हैं और न ही किसी प्रकार का जल विसर्ग (पानी छोड़ना) किया जा रहा है, जिससे नदी किनारे के गांवों के लिए कोई खतरे की स्थिति नहीं है।
धरणवार (बांधवार) स्थिति पर नजर डालें तो आसोलामेंढा में सर्वाधिक 51.61 प्रतिशत, पकडीगुड्डा में 48.77 प्रतिशत, डोंगरगांव में 42.75 प्रतिशत, चारगांव में 37.82 प्रतिशत, अमलनाला में 36.04 प्रतिशत तथा लालनाला परियोजना में 28.53 प्रतिशत जलसंग्रह दर्ज किया गया है। वहीं, चंदई परियोजना में जलसंग्रह शून्य होने से क्षेत्रीय वर्षा में असमानता स्पष्ट दिखाई दे रही है।
प्रशासन रख रहा लगातार निगरानी
इस बीच पैनगंगा, वर्धा, वेणा और वैनगंगा नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पैनगंगा नदी के सीडब्ल्यूसी (CWC) केंद्र, घुग्घुस और बल्लारपुर में वर्धा नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन यह अभी चेतावनी या खतरे के स्तर से काफी नीचे है। वेणा और वैनगंगा नदियों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है।
प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि आगामी दिनों में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है, तो जलाशयों में जलसंग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इससे खरीफ फसलों की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक उपयोग के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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तालुका अनुसार वर्षा स्थिति (मिमी)
| तहसील | आंकड़ा (मिमी) |
| बल्लारपुर | 293.2 |
| चंद्रपुर | 158.5 |
| भद्रावती | 141.2 |
| वरोरा | 135.4 |
| गोंडपिपरी | 131.4 |
| मूल | 126.7 |
| कोरपना | 112.8 |
| सावली | 103.3 |
| जीवती | 103.2 |
| पोंभूर्णा | 93.4 |
| राजुरा | 84.2 |
| चिमूर | 74.8 |
| नागभीड़ | 69.8 |
| ब्रह्मपुरी | 62.1 |
| सिंदेवाही | 48.9 |
