आर्थर रोड जेल के पुनर्विकास में कैदियों की भीड़ बनी सबसे बड़ी चुनौती, बहुमंजिला जेल की तैयारी
Arthur Road Jail Mumbai: मुंबई की ऐतिहासिक आर्थर रोड जेल का पुनर्विकास भारी भीड़भाड़ के कारण अटक गया है। 999 की क्षमता वाली जेल में 3,365 कैदी बंद हैं, अब मानखुर्द की नई जेल से समाधान की उम्मीद है।
- Written By: रूपम सिंह
आर्थर रोड जेल (सोर्स - सोशल मीडिया)
Arthur Road Jail Mumbai Infrastructure: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी आर्थर रोड जेल (मुंबई सेंट्रल जेल) के पुनर्विकास का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव एक अनोखी चुनौती से जूझ रहा है। जेल प्रशासन जिस भीड़भाड़ की गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए इसे बहुमंजिला परिसर में बदलना चाहता है।
वही भीड़भाड़ इसके पुनर्निर्माण की राह में रोड़ा बन गई है। वर्तमान में, मात्र 999 कैदियों की स्वीकृत क्षमता वाली इस छह एकड़ की जेल में, क्षमता से तीन गुना अधिक यानी 3,365 कैदी बंद हैं। इस जेल में 20 बैरक और कोठारिया हैं, जिनमें उच्च सुरक्षा वाली अंडे के आकार की कोठारियां भी शामिल हैं, जो अंडा कोठरी कहलाती हैं।
सुरक्षा की चिंता और चरणों में काम का विकल्प
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम की अध्यक्षता में पिछले एक साल से इस पुनर्विकास पर लगातार बैठकें हो रही हैं। शुरुआत में तीन आठ मंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन जेल विभाग ने सुरक्षा और डिजाइन संबंधी कमियां बताई। चूंकि जेल विभाग सुरक्षा कारणों से हजारों कैदियों की मौजूदगी के बीच भारी निर्माण कार्य नहीं करना चाहता। इसलिए अब इस काम को चरणों में करने पर विचार किया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
12 मिनट के 50 व 2 घंटे के बाद 1,000 जुर्माना; नागपुर स्टेशन पर रेलवे की बिना तैयारी वाली वसूली से यात्री बेहाल
गोंदिया में कागजों पर चल रहीं ग्राम सतर्कता समितियां; पदाधिकारियों को अपने पद और अधिकारों का पता ही नहीं
कोपरी-पांचपाखाडी में SIR अभियान को मिली रफ्तार, जिलाधिकारी ने खुद घर-घर जाकर बांटे गणना फॉर्म
मुंबई लोकल ट्रेन में चाकू से हत्या के बाद जागा प्रशासन, ट्रेनों में बढ़ते अपराध पर नकेल कसने की तैयारी
पड़ोसी जेलें भी फुल, मानखुर्द से समाधान की उम्मीद
कैदियों के केवल एक हिस्से को स्थानांतरित कर निर्माण शुरू किया जा सकेगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुनर्निर्माण के दौरान इन कैदियों को अस्थायी रूप से कहीं रखा जाए? ठाणे, तलोजा और कल्याण जैसी शहर की अन्य पड़ोसी जेलें भी पहले से ही ओवरलोड है।
यह भी पढ़ें:- महायुति सरकार का बड़ा फैसला: NHM के 15,010 संविदा कर्मचारियों का समायोजन, 1,153 करोड़ का वार्षिक बजट मंजूर
मानखुर्द के पूर्वी उपनगर में 11 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाकर जेल प्रशासन को सौंप दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र शहर की इस पहली बहुमंजिला जेल के निर्माण में कैदियों की सुरक्षा, अदालती सुनवाई, मुलाकाते और खुले स्थान में आवाजाही जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना होगा। मानखुर्द में नई जेल का निर्माण अगले 2-3 वर्षों में तेज होने की उम्मीद है। जिसके बाद ही आर्थर रोड जेल के मेकओवर का रास्ता पूरी तरह साफ हो सकेगा।
मानखुर्द के पूर्वी उपनगर में 11 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाकर जेल प्रशासन को सौंप दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र की इस पहली बहुमंजिला जेल के निर्माण में कैदियों की सुरक्षा, अदालती सुनवाई, मुलाकातें और खुले स्थान में आवाजाही जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।
