

Warora Tehsil Office: चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन कार्यालय के भराई में फ्लाई ऐश (राख) का इस्तेमाल किए जाने से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। खुले में पड़ी राख हवा के साथ उड़कर घरों, पानी से बहकर सार्वजनिक स्थानों, और खेतो तक पहुंचने से नागरिकों में रोष है। इसलिए समाजसेवी राजेंद्र वरघने ने जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण मंडल, चंद्रपूर को निवेदन सौंपकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग करीब एक माह पहले की थी। निवेदन में आरोप लगाया गया है कि पिछले डेढ़-दो माह से निर्माण स्थल पर फ्लाई ऐश खुले में पड़ी है।
इसके कारण धूल और राख उड़ने से आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी सहित स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। नागरिकों का कहना है कि फ्लाई ऐश का निपटारा और उपयोग पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही फ्लाई ऐश के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
करीब एक माह पहले जीएमआर पावर प्लांट के प्रमुख विनोद पूसदेकर और वर्धा पॉवर के प्रतिनिधि मुकेश ओवे ने कहा कि कंपनी केवल पंजीकृत ईंट-भट्टों, अधिकृत एजेंसी र और शासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही ई फ्लाई ऐश उपलब्ध कराती है। तहसील ने कार्यालय के निर्माण कार्य में कंपनी की फ्लाई । ऐश का उपयोग नहीं किया गया है।
करीब एक माह पहले खुल्ले फ्लाय ऐश को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र वरघणे ने व संबंधित विभाग को शिकायत कर कारवाई की मांग की थी उसपर अब तक कोई कारवाई होने जानकारी नहीं लेकिन उस जगह पर फिर से खुले में राख डाली गयी है। अब नागरिकों ने प्रशासन से निर्माण स्थल की जांच कर फ्लाई ऐश कहा से लाया जा रहा है, क्या इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल से अनुमति ली गई अथवा नहीं इसकी जांच ग की जानी चाहिए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग में वरघने ने की है।