

Two-Headed Russells Viper Rescue Chandrapur: चंद्रपुर जिले की नागभीड़ तहसील अंतर्गत तलोधी क्षेत्र के कन्हालगांव में अब्दुल शेख के घर एक घोणस सांप के साथ 34 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। राज्य में पहली बार यहां दो सिर वाले घोणस के सपोले मिले। वन विभाग ने इस दावे की पुष्टि करते हुए इसे अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया है।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि कुल 34 सपोलों में दो घोणस के सपोले दो सिर वाले थे। पूरे महाराष्ट्र में पहली बार दो सिर वाले दो घोणस के सपोलों का एक साथ रेस्क्यू दर्ज किया गया है। हालांकि, कमजोर होने के कारण उन्हें रिलीज करने से पहले बचाया नहीं जा सका।
गौरतलब है कि अन्य सांपों की तरह घोणस अंडे नहीं देती, बल्कि सीधे सपोलों को जन्म देती है। मई से जुलाई यानी मानसून की शुरुआत में यह अधिकांशतः होता है। विशेष रूप से धान पट्टे वाले गांवों, जंगलों और खेतों में बड़ी संख्या में घोणस पाए जाते हैं। ये बेहद जहरीले होते हैं। किसानों व नागरिकों से खास सावधानी बरतने की अपील के साथ सर्पमित्रों को इसकी सूचना देने की अपील की गई है।
स्वाब फाउंडेशन के यश कायरकर ने बताया कि इन सभी सांपों की वन विभाग में एंट्री कराकर संस्था के सर्पमित्रों द्वारा जंगल में सुरक्षित छोड़कर उन्हें जीवनदान दिया गया है। इसके साथ ही 2 जहरीले नाग, 2 बड़े घोणस, 1 मन्यार और तस्कर, धामन, डुरक्या, रुका जैसे बिना जहर वाले सांप भी प्रकृतिमुक्त किए गए।
इस अवसर पर जीवेश सयाम, नितिन भेंडाले, जीवन गुरनुले, गणेश गुरनुले, आदित्य नान्हे, स्वराज मोहूर्ले, गणेश गावतुरे, सूरज नेवारे और वन विभाग के तलोधी के क्षेत्र सहायक अरविंद मने उपस्थित थे।