पृथक विदर्भ राज्य की एकमात्र अंतिम विकल्प- एड. चटप
- Written By: नवभारत डेस्क
- विदर्भवादियों का 28 को नागपुर में मानव श्रृंखला आंदोलन
- दिल्ली में संसद पर हल्लाबोल आंदोलन की तैयारी
चंद्रपुर: विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के मुख्य संयोजक पूर्व विधायक एड। वामन चटप ने यहां पत्र परिषद में कहा कि राज्य सरकार इस कदर कर्ज में डूबी है कि वह विदर्भ का किसी भी क्षेत्र का बैकलॉग पूरा करने की स्थिति में नहीं है उल्टे बजटों में विदर्भ की निधि की कटौती की जा रही है जिससे बैकलॉग और बढ रहा है। पृथक विदर्भ राज्य की एकमात्र विकल्प ही विदर्भ का भाग्य संवार सकता है।
इसलिए पृथक विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति स्वतंत्र विदर्भ राज्य निर्मिति मिशन 2023 के तहत तीन चरणों में आंदोलन करने जा रही है। इसके पहले चरण में आगामी 28 फरवरी को नागपुर में नागपुर में मानव श्रृंखला आंदोलन किया जाएगा और इसके बाद अंतिम चरण में दिल्ली में संसद पर हल्लाबोल आंदोलन की तैयारी है।
एड। चटप ने बताया कि स्वतंत्र विदर्भ राज्य निर्माण करने के लिए सम्पूर्ण विदर्भ में जनजागरण कर विदर्भ की ज्वलंत समस्या को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति संघर्षरत है। आगामी 28 फरवरी को वेराएटी चौक नागपुर में मानव श्रृंखला आंदोलन किया जाएगा। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार राज्य निर्माण का अधिकार केन्द्र सरकार का एवं संसद का होने से दूसरे चरण में 11 मार्च 2022 को केन्द्र सरकार के खिलाफ नागपुर के सेमिनरी हिल्स कार्यालय संकुल के सामने आंदोलन किया जाएगा। इसके उपरांत स्वतंत्र विदर्भ की मांग प्रभावी रूप से रखने के लिए 7 अप्रैल को जंतरमंतर से संसद तक हल्लाबोल आंदोलन किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
वैनगंगा पर मौत का सफर! आजादी के 78 साल बाद भी 2 जिले के बीच पुल का सपना अधूरा, टूट रहे शादियों के रिश्ते
विदर्भ की जनता को कुछ नहीं मिला, विधानमंडल के शीत सत्र को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला
बकाया 7,500 करोड़ की उद्योग सब्सिडी जल्द दें, वीआईए के दल ने पी. अनबलगन से की मुलाकात
दो टुकड़ों में बंट जाएगा महाराष्ट्र…2027 से पहले अलग होगा विदर्भ! बड़े आंदोलन का हुआ ऐलान
एड। चटप ने बताया कि यह आंदोलन जिन प्रमुख मांगों को लेकर होगे उसमें सबसे प्रमुख स्वतंत्र विदर्भ राज्य की केन्द्र सरकार तत्काल निर्मिति करें, कोरोनाकाल के सभी बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल सरकार भरे, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए, इसके बाद बिजली की दर सस्ती रखे, कृषिपंपों के बिजली बिल माफ कर बिजली कनेक्शन काटने बंद करें, विदर्भ के उद्योगों के उर्जा विभाग की 1200 करोड की सब्सिडी तत्काल दी जाए, राष्ट्रीय महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा कृषि भूमि के लिए 20 प्रश और अकृषक भूमि के लिए 60 प्रश कम करने का निर्णय रद्द करें, अमरावती के लघु उद्योग विकास महामंडल के कार्यालय बंद करने का निर्णय तत्काल वापस ले। आदि मांगों का समावेश है।
पत्र परिषद में एड। चटप के अलावा विधानसभा के पूर्व उपसभापति मोरेश्वर टेमुर्डे, समिति के पूर्व विदर्भ के अध्यक्ष अरूण केदार, महिला आघाडी की अध्यक्ष रंजना मामर्डे, युवा आघाडी के अध्यक्ष अरूण मासुरकर, पूर्व मंत्री डा। रमेश गजबे समेत अन्य विदर्भवादी उपस्थित थे।
