ताडोबा टाइगर रिजर्व से गायब हुए बाघ! वन विभाग में मचा हड़कंप, बेंगलुरु के फोटोग्राफर से 3 दिन पूछताछ

Tadoba Missing Tigers: ताडोबा-अंधारी व्याघ्रप्रकल्प से चर्चित बाघों के गायब होने से शिकार की आशंका। नियमों के उल्लंघन के आरोप में बेंगलुरु के एक वन्यजीव फोटोग्राफर से 3 दिन पूछताछ, मोबाइल-लैपटॉप जब्त।
Fear of poaching rises as famous tigers go missing in Tadoba. A Bengaluru wildlife photographer is under investigation for allegedly violating forest and safety norms.
बाघों , शिकार (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Chandrapur Missing Tigers: महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ताडोबा-अंधारी व्याघ्रप्रकल्प से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। ताडोबा और आसपास के जंगलों में कई चर्चित बाघ पिछले कई महीनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं। लगातार बाघों के गायब होने की घटनाओं ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब शिकार की आशंका भी गहराने लगी है, जिससे ताडोबा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

वन्यजीव फोटोग्राफर से तीन दिन पूछताछ

मामले में वन विभाग ने बेंगलुरु के एक वन्यजीव फोटोग्राफर को जांच के दायरे में लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, फोटोग्राफर से लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की गई। आरोप है कि वह बेहतर तस्वीरें लेने के लिए जंगल में मरे हुए जानवर डालता था और स्थानीय लोगों की मदद से बाघों की गतिविधियों को प्रभावित करता था। वन विभाग को यह भी जानकारी मिली है कि संबंधित फोटोग्राफर रात के समय जंगल में घूमता था, नियमों का उल्लंघन करता था और कृत्रिम रोशनी का इस्तेमाल कर बाघों की फोटोग्राफी करता था। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां बाघों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित करती हैं और वन्यजीव सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।

लैपटॉप और मोबाइल जब्त

जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने फोटोग्राफर के लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन उपकरणों से कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। बताया जा रहा है कि पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब “जूनियर बजरंग” नामक चर्चित बाघ की तस्वीरें एक मृत भैंस के पास ली गई थीं।

इसके बाद से वह बाघ, एक बाघिन और उसके शावक क्षेत्र से गायब बताए जा रहे हैं। इस घटना ने वन विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ इलाकों में बिजली का करंट छोड़कर शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ताडोबा के क्षेत्र संचालक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ल ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद ताडोबा की निगरानी प्रणाली, जंगल सुरक्षा और शिकार विरोधी उपायों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन्यजीव प्रेमियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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