नासिक में गौशाला अनुदान प्रमाण पत्र के लिए 5 हजार की रिश्वत लेते पशुसंवर्धन जिला उपआयुक्त रंगेहाथ गिरफ्तार

Nashik Crime News: नासिक में गौशाला अनुदान के उपयोग प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते पशुसंवर्धन विभाग के जिला उपआयुक्त डॉ. प्रशांत धर्माधिकारी को ACB ने दबोचा।
Nashik ACB caught Animal Husbandry Deputy Commissioner Dr. Prashant Dharmadhikari red-handed while accepting a Rs 5,000 bribe for signing a Gaushala subsidy certificate.
गौशाला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nashik ACB Bribe Case Animal Husbandry: गौशाला को मिले सरकारी अनुदान के खर्च का उपयोग सही तरीके से होने के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकारते हुए जिला उपआयुक्त को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी लोकसेवक का नाम डॉ. प्रशांत रमेश धर्माधिकारी (58, जिला उपआयुक्त, पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय, जिला नासिक) है।

इस मामले में सातपूर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। 9 मिली जानकारी अनुसार, शिकायतकर्ता 'श्री संत जनार्दन स्वामी सेवा संस्कारित संस्था' संचालित मौनगिरी गोशाला के ट्रस्टी हैं। गौशाला में हैं 70 गायें इस गौशाला में 70 गायें हैं और उनके पालन-पोषण के लिए महाराष्ट्र शासन की परिपोषण योजना के तहत अनुदान मिलता है।

गौशाला को 27 मार्च को 3 लाख 44 हजार 250 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था। इस राशि का सही उपयोग होने की जांच कर उपयोग प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए जिला उपआयुक्त डॉ. प्रशांत धर्माधिकारी ने शिकायतकर्ता से 41 हजार रुपये की रिश्वत मांगी

नासिक एसीबी की कार्रवाई

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के इच्छुक नहीं थे, इसलिए उन्होंने इस संबंध में नासिक एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद 26 मई को एसीबी की टीम ने जिला उपायुक्त कार्यालय में ही जाल बिछाया। समझौते के बाद तय की गई 5 हजार रुपये की रिश्वत की राशि स्वीकारते समय डॉ. प्रशांत धर्माधिकारी को सरकारी कार्यालय में ही रंगेहाथ पकड़ लिया गया।

यह कार्रवाई नासिक परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक भारत तांगडे, अपर पुलिस अधीक्षक माधव रेड्डी और सुनील दोरगे के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप अधिकारी पुलिस निरीक्षक राहुलकुमार नाईक, पुलिस हवालदार प्रफुल्ल माली और विलास निकम की टीम ने कार्रवाई को सफल बनाया। मामले की आगे की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्वाति पवार कर रही है।

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