चंद्रपुर में ताडोबा बफर जोन में आतंक मचाने वाला बाघ T-83 आखिरकार पिंजरे में कैद; ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Chandrapur Tadoba Buffer Zone: ताडोबा बफर जोन में दो महीने से आतंक का पर्याय बने बाघ T-83 को वन विभाग ने पहमी गांव के पास बेहोश कर पकड़ लिया है। इस कार्रवाई से डरे हुए ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
- Written By: रूपम सिंह
बाघ कैद (सोर्स: फाइल फोटो नवभारत)
Chandrapur Tiger Capture Tadoba Buffer Zone: वन विभाग ने गुरुवार शाम को बाघ T-83 को सफलतापूर्वक पकड़ लिया, जो पिछले दो महीनों से ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में लोगों को नुकसान पहुंचा रहा था। इसने इन गांवों में आतंक मचा रखा था।
लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद किए गए इस ऑपरेशन से इलाके के लोगों को भारी राहत मिली है। पूर्ण विकसित बाघ, जिसकी उम्र करीब 8 से 10 साल बताई जा रही है, ने 16 मार्च को चेक निम्बाला गांव के 21 साल के चरवाहे करण किसन शेडमाके को शिकार बनाया था।
करण अपने बैल को चराने के लिए खेत के पास गया था, तभी बाघ ने बैल पर हमला कर दिया। जब करण बैल को बचाने के लिए चिल्लाते हुए बाघ की तरफ दौड़ा, तो बाघ ने उस पर झपट्टा मारा और उसे मौके पर ही मार गिराया था। इस घटना के बाद, वाघ अक्सर निम्बाला, पहामी, पेठ और आस-पास के गांवों के खेतों में देखा जाने लगा, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। गांववालों की बढ़ती चिंता को देखते हुए, वन विभाग ने मार्च के दूसरे हिस्से में बाघ को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया था।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में रिश्तों का कत्ल: 20 हजार रुपए के विवाद में नाती ने नानी की बेरहमी से की हत्या
नासिक विधान परिषद सीट पर महायुति में टकराव के संकेत; शिंदे गुट और भाजपा दोनों ने ठोका उम्मीदवारी का दावा
Nashik fuel crisis: ‘स्टॉक भरपूर’ के दावों के बीच पेट्रोल पंप ड्राय, घंटों कतारों में खड़े लोग
Nagpur Weather: 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तापमान, लू से बचने के लिए रहें सतर्क, जानें आज मौसम कैसा होगा?
ये भी पढ़ें :- नासिक विधान परिषद सीट पर महायुति में टकराव के संकेत; शिंदे गुट और भाजपा दोनों ने ठोका उम्मीदवारी का दावा
पहमी गांव के पास घेरकर धर दबोचा
डॉ. रविकांत खोबरागड़े के नेतृत्व में रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने स्थानीय वन अधिकारियों की मदद से लगातार बाघ को ट्रैक किया। अंततः बाघ को पेठ-2 वनक्षेत्र के सेल नंबर 621 में पहमी गांव के पास घेर लिया गया। शाम करीब 6 बजे शार्प शूटर अजय मराठे ने डार्ट गन की मदद से बाघ को बेहोश कर दिया।
उसके बाद, उसे सुरक्षित रूप से एक पिंजरे में बंद करके चंद्रपुर शहर के ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। वनविभाग की इस कार्रवाई से इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिली है, और पिछले दो महीने से चल रहा डर का माहौल कुछ हद तक खत्म हो गया है।
