प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर में आदमखोर बाघिन का आतंक, 13 महिलाओं पर हमला 4 की मौत, मचा हड़कंप

Chandrapur Tiger Attack Sindewahi Bhandara Ordnance Factory: चंद्रपुर के सिंदेवाही में बाघिन का बड़ा हमला, 4 महिलाओं की मौत। भंडारा ऑर्डनेंस फैक्ट्री के पास भी दिखा बाघ, विदर्भ में दहशत।

अनिल सिंह

Chandrapur Tiger Attack: विदर्भ का चंद्रपुर जिला अपने घने जंगलों और ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR) के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ आए दिन होने वाले बाघों के हमले अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए काल बनते जा रहे हैं। सिंदेवाही तालुका के अंतर्गत आने वाले गुंजेवाही गांव के भट्टी मोहल्ले की 13 साहसी महिलाएं रोजाना की तरह खैरीचक क्षेत्र के घने जंगल में तेन्दूपत्ता और सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं। दोपहर के वक्त, जब सभी महिलाएं काम में व्यस्त थीं, तभी झाड़ियों में छिपी एक आदमखोर बाघिन ने उन पर पीछे से हमला कर दिया।

अचानक हुए इस हमले से चीख-पुकार मच गई। जब तक बाकी महिलाएं कुछ समझ पातीं या उन्हें बचाने का प्रयास करतीं, बाघिन ने चार महिलाओं को बेरहमी से अपना शिकार बना लिया। मृतकाओं की पहचान कविता दादाजी मोहुरले (45), अनीता दादाजी मोहुरले (46), संगीता संतोष चौधरी (40) और सुनीता कौशिक मोहुरले (35) के रूप में हुई है। इस वीभत्स घटना की जानकारी मिलते ही गुंजेवाही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लाठियां लेकर ग्रामीण जंगल की तरफ भागे, जिसके बाद बाघिन शवों को छोड़कर घने जंगल में भाग गई।

भंडारा में 45°C की गर्मी से परेशान सड़क पर आया बाघ

विदर्भ में सिर्फ चंद्रपुर ही नहीं, बल्कि भंडारा जिले के जवाहरनगर आयुध कारखाना (ओएफबी) परिसर में भी बाघ के खुलेआम घूमने से दहशत फैल गई है। विदर्भ में इस समय पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है, जिससे इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव भी पानी और ठंडक के लिए बेहाल हैं। जवाहरनगर की व्यस्त मुख्य सड़क पर एक राहगीर ने मोबाइल से बाघ का वीडियो बनाया, जहां वह गर्मी से राहत पाने के लिए एक छोटे से जल स्रोत (पानी के गड्ढे) में आराम करता दिख रहा है। व्यस्त कोंडी रोड और डीएससी पलटन टी-पॉइंट के पास लगातार बाघ दिखने से वाहन चालकों में खौफ का माहौल है।

वन विभाग ने शुरू किया 'सर्च ऑपरेशन'

चंद्रपुर में एक साथ चार मौतों की इस गंभीर और ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गए हैं। वन परिक्षेत्राधिकारी (RFO) के अनुसार, हमलावर बाघिन की पहचान करने के लिए खैरीचक के जंगलों में तुरंत ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं और वन रक्षकों की विशेष टीमों को गश्त (Patrolling) पर तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल जंगल में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शूटर तैनात करने और मुआवजे की मांग

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे चंद्रपुर जिले में वन प्रशासन के खिलाफ तीव्र आक्रोश फैल गया है। गुंजेवाही के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस आदमखोर बाघिन को तुरंत बेहोश कर (Tranquilize) पिंजरे में कैद नहीं किया जाता या उसे आदमखोर घोषित कर शूटर तैनात नहीं किए जाते, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है।

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