नासिक विधान परिषद सीट पर महायुति में टकराव के संकेत; शिंदे गुट और भाजपा दोनों ने ठोका उम्मीदवारी का दावा

Nashik MLC election: नासिक विधान परिषद सीट के लिए महायुति में खींचतान शुरू हो गई है। शिंदे गुट की इस मौजूदा सीट पर भाजपा ने भी दावा ठोका है, जिससे दोनों दलों के बीच टकराव के संकेत हैं।
Tensions rise within Mahayuti over Nashik MLC seat. Both BJP and Shinde-led Shiv Sena stake claim to the seat, triggering internal conflict before elections.
विधान परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Sena Shinde Faction Nashik MLC Election Shiv: विधान परिषद के स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर नासिक जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। फिलहाल शिवसेना के शिंदे गुट के पास मौजूद इस सीट को भाजपा को देने की चर्चा से शिंदे गुट के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

इस सीट से पहले शिवसेना के नरेंद्र दराडे विधायक चुने गए थे। इसलिए यह सीट फिर शिवसेना को ही मिलेगी और दराडे को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा, ऐसी अपेक्षा थी। लेकिन भाजपा द्वारा भी इस सीट पर दावा किए जाने से महायुति में ही टकराव के संकेत दिखाई देने लगे हैं।

नरेंद्र दराडे ने शिवाजी सहाणे को दी थी मात

इसी बीच नांदगांव में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में आयोजित बैठक में नांदगांव के विधायक सुहास अण्णा कांदे की पत्नी अंजुमताई कांदे को उम्मीदवार बनाने की खुली मांग की गई। इससे शिंदे गुट के भीतर भी दावेदारों के वीच खींचतान बढ़ गई है। वर्ष 2018 में हुए चुनाव में तत्कालीन शिवसेना के नरेंद्र दराडे ने 399 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार एड. शिवाजी सहाणे को 167 वोटों से हराया था। सहाणे को 232 वोट मिले थे। उस समय भाजपा ने ऐन मौके पर सहाणे को समर्थन दिया था। इसके बावजूद दराडे विजयी हुए थे। हालांकि इस बार राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में शिंदे गुट की मजबूत पकड़

  • इस चुनाव में कुल 623 मतदाता हैं। इनमें भाजपा के पास 190, शिवसेना शिंदे गुट के पास 171 राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार गुट के पास 107, शिवसेना ठाकरे गुट के पास 45, कांग्रेस के पास 13, इस्लाम पार्टी के पास 35 एआईएमआईएम के पास 21 तथा अन्य के पास 41 वोट हैं।
  • महायुति के रूप में चुनाव लड़ने पर यह सीट आसानी से जीती जा सकती है। लेकिन सीट बंटवारे को लेकर महायुति में ही संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है।
  • भाजपा की ताकत शहरी क्षेत्रों में अधिक मानी जाती है, जबकि शिवसेना शिंदे गुट की पकड़ ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत है। कुल मतदाताओं की संख्या देखें तो भाजपा के पास शिवसेना से 19 वोट अधिक है, इसलिए दोनों दल इस सीट पर दावा ठोक रहे है।

इन नामों की हो रही चर्चा

शिवसेना शिंदे गुट की ओर से पूर्व विधायक नरेंद्र दराडे, अंजुमताई कांदे, भाऊसाहेब चौधरी और अजब बोरस्ते के नाम चर्चा में हैं। भाजपा की ओर से पूर्व नगरसेवक गणेश गीते, निलेश बोरा और नगरसेवक सुरेश पाटील प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजीत पवार गुट की ओर से पूर्व सांसद देवीदास पिंगले का नाम सामने आया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com