

Earth World Earth Day 2026: अमरावती में 22 अप्रैल को दुनियाभर में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जाता है। इस दिन की शुरुआत 1970 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन की पहल से हुई थी, जो आज 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में यह दिन हमें प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है।
फोटो पर्यावरण दिनविचार केवल नारों तक सीमित न रहें जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों का पालनपोषण करती है, उसी तरह पृथ्वी हमें जीवन के लिए आवश्यक हर चीज प्रदान करती है। इसलिए उसका संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। पृथ्वी बचाओ जीवन बचाओ, पेड़ लगाओपेड़ बचाओ और निसर्ग से मित्रता करो जैसे विचार केवल नारों तक सीमित न रहें, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनें।
तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पृथ्वी संभव हो सकेगी।अरुण बुंदेले, समता गौरव पुरस्कार प्राप्त व साहित्यिकार फोटो अरुण बुंदेलेपर्यावरण को गंभीर संकट में डालापृथ्वी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। आज बढ़ते प्रदूषण, जंगलों की कटाई और जलवायु परिवर्तन ने हमारे पर्यावरण को गंभीर संकट में डाल दिया है।
ऐसे समय में हम सभी की जिम्मेदारी है कि छोटेछोटे प्रयासों से प्रकृति की रक्षा करें। विश्व पृथ्वी वसुंधरा के अवसर पर हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संकल्प लेना चाहिए। चेतन भारती, प्रकृति प्रेमी फोटो चेतन भारतीसभी की सामूहिक जिम्मेदारी सभी को विश्व वसुंधरा दिवस की शुभकामनाएं।
आइए, इस वर्ष हम प्लास्टिक का उपयोग कम करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पानी बचाने का संकल्प लें, ताकि हमारी वसुंधरा हरीभरी और सुरक्षित बनी रहे। पृथ्वी की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रा। अनिल बंड, मौसम विशेषज्ञ फोटो अनिल बंडविश्व पृथ्वी दिवस केवल शुभकामनाएं देने का दिन नहीं, बल्कि धरती के लिए कुछ करने का अवसर है।
इस दिन का असली महत्व तभी है जब हम हर कदम पर पेड़ों, जीवजंतुओं और पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूक रहें और व्यवहार में बदलाव लाएं। पक्षियों के लिए पानी रखना, पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना और प्रकृति के संरक्षण के लिए छोटेछोटे प्रयास करना ही सच्चे अर्थों में वसुंधरा दिवस मनाना है। निलेश कांचनपुरे, वन्यजीव प्रेमी फोटो निलेश कांचनपुरे