चंद्रपुर वार्षिक योजना बैठक में सुधीर मुनगंटीवार (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur Municipal Corporation Expansion: पूर्व मंत्री, भाजपा नेता, विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने यहां बताया कि, स्थानीय मनपा में भाजपा और सहयोगी दलों के गठबंधन में सत्तास्थापना के बाद अब भाजपा ने शहर विकास का 5 वर्ष का एक्शन प्लान तैयार किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, चंद्रपुर मनपा के सीमा विस्तार पर फिलहाल निर्णय संभव नहीं है।
चंद्रपुर शहर के बाहरी क्षेत्रों में राज्य सरकार की ओर से प्राप्त निधि से पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किये जाने के बाद ही साइंटिफिक तरीके से अध्ययन करने के बाद ही इस प्रस्ताव पर सोचविचार किया जाएगा। स्थानीय एनडी होटल में पत्रकारों से बात करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि, मनपा में सत्तास्थापना के तुरंत बाद ही नवनिर्वाचित मेयर और डिप्टी मेयर की मदद से शहर विकास के लिए 5 वर्ष का एक्शन प्लान तैयार किया गया है।
जिसके तहत शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था में सुधार लाने उपाययोजना के तहत नए रास्तों को विकसित करना, रिंग रोड बनाना, म्हाडा के क्षेत्र में आने वाले साढ़े चार किलोमीटर सड़क से यातायात को डायवर्ट करने, शहर के सभी ओपन स्पेस का संवर्धन कर उसे सुशोभित करना, शहर में जगह जगह स्वच्छतागृह तैयार करना, खेल मैदान बनाना आदि का समावेश है।
उन्होंने साफ किया कि, मनपा के सीमा विस्तार पर निर्णय लेना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने माना कि, शहर सीमा के बाहरी क्षेत्रों में रिहायशी बस्तियां बढ़ रही है, नए सरकारी प्रोजेक्ट्स भी साकार हो रहे है। किंतु उक्त बाहरी क्षेत्रों को मनपा में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता जब तक बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती है।
नए चंद्रपुर शहर प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने सरकार से 800 करोड़ से अधिक की मांग की है। इतनी बड़ी रकम देना मनपा के लिये संभव नहीं है। यह रकम राज्य सरकार से ही उपलब्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि, मनपा के सीमा विस्तार प्रस्ताव पर भावनिक रूप से सोचविचार करने से बेहतर होगा कि, उसका व्यवहारिक और साइंटिफिक रूप से विचार हो। उन्होंने आश्वस्त किया कि, इसके लिए एक अध्ययन समिति गठित कर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार के आगामी बजट में उन्होंने चंद्रपुर जिले से जुड़े कुछ प्रस्तावों पर अमल करने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र ताडोबा के क्षेत्र विकास के लिए सरकार के पास 3000 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। जिसके तहत ताडोबा अभयारण्य में देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना, मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते हमलों की रोकथाम करने उपाययोजना करना आदि शामिल है।
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उन्होंने बताया कि, पूर्वी विदर्भ यह धन उत्पादक क्षेत्र है, यहां विभिन्न किस्मों के धान की पैदावार होती है ऐसे में चंद्रपुर जिले में राइस क्लस्टर तैयार करने का सुझाव उन्होंने सरकार को दिया है। पोंभुरना और गोंडपिपरी के एमआईडीसी में आदिवासियों के लिए जमीन आरक्षित करने का भी प्रस्ताव है।
जिले में वन औद्योगिक विकास महामंडल स्थापित करने 10 एकड़ की जमीन का भी प्रस्ताव दिया गया है। यह 80 करोड़ का प्रोजेक्ट है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, शहर के बाहरी क्षेत्रों का अधिकतर हिस्सा ब्लू लाइन अर्थात बाढ़ पीड़ित क्षेत्र के तहत आता है, यह सर्वेक्षण त्रुटिपूर्ण पद्धति से हुआ है।
लोग इस क्षेत्र में मंजूरी लिए बिना ही मकान बना रहे है, जिससे राजस्व की क्षति हो रही है। अब उक्त क्षेत्र के पुनरसर्वेक्षण के लिए प्रयास किया जा रहा है, जिससे कई लोगों को राहत मिल सकेगी। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर संगीता खांडेकर और उप महापौर प्रशांत दानव उपस्थित थे।