

Chandrapur Voter List Re-Examined: चंद्रपुर जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की जांच प्रक्रिया मंगलवार, 18 अगस्त को पूरी हो गई। अभियान के दौरान जिले के 2 लाख 70 हजार 275 मतदाता, यानी कुल मतदाताओं के करीब 15.03 प्रतिशत विभिन्न कारणों से अवितरित पहचानपत्र श्रेणी में पाए गए हैं।
इस श्रेणी में शामिल मतदाताओं में सबसे बड़ी संख्या स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके लोगों की है। जांच में 1 लाख 62 हजार 899 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए। वहीं 51 हजार 918 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। मृत मतदाताओं के नाम अंतिम प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। हालांकि, अन्य श्रेणियों में शामिल नामों को दोबारा सत्यापित करने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
SIR के तहत तैयार ‘अवितरित’ श्रेणी में कुल 51,918 मृत, 1,62,899 स्थायी रूप से स्थानांतरित और 28,634 अनट्रेसबल मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 1,250 मतदाता अन्य कारणों से लंबित पाए गए, जबकि 25,574 नाम पहले से पंजीकृत मतदाताओं की श्रेणी में हैं।
राजनीतिक दलों के मतदान केंद्र स्तरीय प्रतिनिधियों से मिली जानकारी के आधार पर मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारियों ने संबंधित मतदाताओं का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद इस श्रेणी की अस्थायी सूची भी प्रकाशित की गई है।
अवितरित श्रेणी में शामिल सभी नामों की प्रक्रिया अभी अंतिम नहीं मानी जा रही है। प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद संबंधित नामों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2.70 लाख नामों में से कितने मतदाता सूची में बने रहेंगे और कितने नाम हटाए जाएंगे।
प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिकों को अपने नाम की जांच करने का अवसर दिया जाएगा। नाम नहीं होने पर नया नाम जुड़वाने तथा मतदाता सूची में दर्ज जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारूप सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान छूट न जाए।
चंद्रपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 1,02,290 मतदाता ‘अवितरित’ श्रेणी में पाए गए हैं। इनमें 75,559 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 19,007 मृत, 9,499 अनट्रेसबल, 6,637 पहले से पंजीकृत और 288 अन्य कारणों से संबंधित मतदाता शामिल हैं।
SIR की आगे की प्रक्रिया में दावे-आपत्तियों और पुन: सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसलिए फिलहाल 2.70 लाख नामों में से कितने नाम वास्तव में हटेंगे, इसकी अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है।