चंद्रपुर में बाढ़ में फंसे स्कूली छात्र, घंटों मशक्कत के बाद किया सफल रेस्क्यू
Chandrapur Flood: चंद्रपुर में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति का निर्माण हो गया। इस दौरान कुछ छात्र बाढ़ में फंस गए। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया।
- Written By: प्रिया जैस
बाढ़ में फंसे छात्र (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को भद्रावती और वरोरा में भारी बारिश हुई। इस बीच, अन्य तहसील में बारिश के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके कारण स्कूली छात्र बाढ़ में फंस गए। जबकि एक एसटी बस रेलवे ट्रैक सुरंग में फंस गयी। कई जगहों पर जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।
वरोरा के भटाला, खेमजई, वडगांव, नांद्रा, लोदीखेड़ा, येरखेड़ा आदि गांवों से स्कूली छात्रों को लेकर जा रही एक बस शुक्रवार की रात वापस आते समय बाढ़ के कारण एक नाले में फंस गई। चालकों ने सुरक्षा की दृष्टि से कोई जोखिम नहीं उठाया और बस को नाले से ले जाने के बजाय पानी कम होने के बाद ही यात्रा करने का निर्णय लिया। इस बीच, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहल करते हुए 60 से 70 बालक-बालिकाओं के लिए भोजन की व्यवस्था की।
देर रात तक चला रेस्क्यू
साथ ही, पंचायत समिति समूह विकास अधिकारी गजानन मुंडकर, तहसीलदार वरोरा योगेश कौटकर, मंडल अधिकारी अजय निखाड़े, तलाठी असला रितेश आमटे, तलाठी टेमुर्डा सुनील राउत, कोतवाल चांदेकर और सिपाही सचिन शेल्की ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। देर रात लड़कियों को समाज भवन असलाह में और लड़कों को टेमुर्डा स्थित समाज भवन में ठहराया गया।सुरक्षा कारणों से पुलिस प्रशासन ने महिला कांस्टेबलों और सिपाहियों की एक टीम मौके पर भेजी। आखिरकार, रात करीब 11:30 बजे नाले का पानी कम हुआ और डिपो मैनेजर की सलाह पर बस को आगे रवाना किया गया।
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सुरक्षित घर पहुंचे विद्यार्थी
छात्रों को चरणबध्द तरीके से उनके गांवों तक पहुँचाते समय, राजस्व, ग्राम विकास और पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्येक गांव में जीपीएस फ़ोटो और वीडियो लिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र सही जगह पर सुरक्षित पहुंच गए हैं। इस प्रक्रिया से अभिभावकों और छात्रों के मन में संतुष्टि और खुशी का भाव था।
इस पूरी घटना में, वाहन चालकों की सतर्कता, स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित खतरे को टाल दिया। इस दौरान, स्थानीय लोगों ने मांग की कि नालियों में, खासकर ग्रामीण इलाकों में, फंसे कचरे और झाड़ियों की नियमित सफाई की जाए। प्रशासन की ओर से संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
120 मिमी बारिश दर्ज
वरोरा तहसील में कुछ ब्लॉकों में 120 मिमी और कुछ ब्लॉकों में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। चूंकि इस बारिश का पूर्वानुमान एक दिन पहले ही लगाया गया था, इसलिए अगले दिन स्कूली छात्रों की यात्रा से बचने के लिए, जिला कलेक्टर विनय गौड़ा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, निवासी उप जिला कलेक्टर कुंभार और जिला शिक्षा अधिकारी सोनवणे ने संयुक्त रूप से वरोरा तहसील के लिए एक विशेष मामले के रूप में स्कूलों के लिए अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।
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स्थानीय प्रशासन ने सभी स्कूलों के माध्यम से अभिभावकों तक इस निर्णय को पहुंचाने का प्रयास किया। इस पूरी प्रक्रिया में, प्रशासन ने स्थानीय सांसद प्रतिभा धानोरकर और विधायक करण देवतले के निर्देशों और सहयोग से समन्वय में काम किया, जिससे छात्रों का सुरक्षित बचना संभव हो सका।
