

Chandrapur Elephant Attackck: चंद्रपुर जिले के सावली तहसील में पिछले कई हफ्तों से घूम रहे जंगली हाथियों के झुंड ने एक निदर्दोष नागरिक की जान ले ली। अब तक जंगली हाथियों द्वारा यह चौथी बार कुचलकर मारे जाने की घटना है। व्याहाड-सोनापुर मार्ग पर एक भयावह घटना में हाथी ने बाइक सवार का पीछा कर उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान अतुल गोहणे (निवासी सोनापुर) के रूप में हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और भय का माहौल फैल गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतुल गोहणे अपनी मोटरसाइकिल से सोनापुर की ओर जा रहे थे। व्याहाड-सोनापुर मार्ग के बीच अचानक एक विशाल जंगली हाथी उनके सामने आ गया। अचानक सामने हाथी को देखकर उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बाइक सड़क पर छोड़ दी और जान बचाने के लिए जंगल की ओर दौड़ लगा दी।
लेकिन पहले से ही उग्र बताए जा रहे हाथी ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही पलों में हाथी ने उन्हें पकड़ लिया। यह हमला इतना भयावह था कि अतुल गोहणे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वन विभाग ने पहले ही क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों को उस इलाके में न जाने की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों द्वारा आवागमन जारी रखा जा रहा है। भिाग के क्षेत्र अधिकारी विनोद धुर्वे ने लोगों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधि वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं,
अन्यथा ऐसे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।
चंद्रपुर, ब्यूरो, चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों में बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष का मुद्दा विधानसभा में उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार से विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि वन्यजीवों के हमलों में मानव जीवन की हानि चिंताजनक है। उन्होंने सरकार को हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी और रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने तथा सदन में इस संबंध में विस्तृत बयान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वडेट्टीवार ने सदन को बताया कि हाथियों के हमलों में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से 32 हाथियों का झुंड दोनों जिलों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने हाथियों की गतिविधियों पर आधुनिक तकनीक से निगरानी, वन कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण और लोगों को समय पर अलर्ट देने की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने भी मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से इस संबंध में ठोस कार्रवाई और सदन में विस्तृत बयान देने के निर्देश दिए।