

Samudrapur Bear News: वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील के रासा-घांसा गांव में गुरुवार देर रात उस समय दहशत फैल गई, जब एक मादा भालू अपने शावक के साथ गांव में घुसकर एक घर के बरामदे में आकर बैठ गई। इसी दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित थी। जिससे एक ग्रामीण अनजाने में भालू के बेहद करीब पहुंच गया। सौभाग्य से समय रहते उसे स्थिति का आभास हो गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, तड़के में संदीप पडवे लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले। अंधेरा होने के कारण उन्हें बरामदे में कोई बड़ा जानवर बैठा दिखाई दिया और उन्होंने पहले उसे भैंस समझा। जब जानवर वहां से नहीं हटा तो उन्होंने मोबाइल की रोशनी से देखा। तब उनके होश उड़ गए, क्योंकि वहां एक मादा भालू अपने शावक के साथ बैठी थी। मोबाइल के माध्यम से जगदीश महातले सहित गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयासों के बाद सुबह लगभग 6 बजे मादा भालू व उसके शावक को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संदीप अनजाने में भालू के और अधिक करीब पहुंच जाते। तो बड़ा हादसा हो सकता था। उल्लेखनीय है कि घोंसा क्षेत्र में वर्ष 2015 में किसान ईश्वर महातले की भालू के हमले में मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में फिर से भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रासा-घोंसा गांव में एक-दो दिन के अंतराल पर बिजली आपूर्ति बाधित होना आम बात हो गई है। जंगल से सटे इस गांव में रात के समय बिजली नहीं रहने से वन्यजीवों का खतरा और बढ़ जाता है। मोहगांव ग्राम पंचायत के प्रशासन विलास नवघरे, पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य जगदीश महातले तथा ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही वन विभाग गांव की सुरक्षा के लिए गांव की सीमा पर मजबूत फेंसिंग लगाए, ताकि जंगली जानवरों का गांव में प्रवेश रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।