

Yavatmal Agriculture News: कृषि आयुक्त कार्यालय, पानी फाउंडेशन, नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी प्रकल्प पोकरा, उमेद अभियान तथा राज्य के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों के संयुक्त तत्वावधान में किसानों के लिए सोमवार 25 मई से डिजिटल खेतीशाला 2026 का आयोजन किया गया है।
इस डिजिटल खेतीशाला के माध्यम से खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों की आधुनिक तकनीक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाई जाएगी। इस खेतीशाला में प्रतिदिन अलग-अलग फसलों के अनुसार विशेषज्ञ वैज्ञानिक और कृषि अधिकारी किसानों को सीधा मार्गदर्शन देंगे। किसानों के मन में मौजूद तकनीकी शंकाओं का समाधान ज़ूम के चैट बॉक्स या यूट्यूब के कमेंट सेक्शन में टाइप कर किया जा सकेगा।
किसानों को घर बैठे अथवा गांव में सामूहिक रूप से डिजिटल खेतीशाला में शामिल होने की सुविधा देने के लिए फसलों और समय का नियोजन किया गया है। किसानों को एकत्रित करने के लिए ग्राम पंचायत, स्कूल अथवा स्थानीय मंदिरों में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल या प्रोजेक्टर के माध्यम से इस खेतीशाला का सीधा प्रसारण करने के निर्देश क्षेत्रीय तंत्र को दिए गए हैं। साथ ही गांव की कृषिताई, ग्राम कृषि विकास समिति के सदस्य और स्वयंसेवक इस कार्य में आगे आएंगे। स्थानीय कृषि सेवा केंद्रों पर भी इसका प्रसारण देखा जा सकेगा।
इस डिजिटल खेतीशाला में ज़ूम के माध्यम से शामिल होने के लिए किसानों को अपने या परिचित व्यक्ति के मोबाइल, कंप्यूटर अथवा लैपटॉप में प्ले स्टोर से ज़ूम ऐप डाउनलोड करना होगा। अथवा गूगल पर ज़ूम लिंक ओपन कर मीटिंग आईडी और पासकोड दर्ज कर सहभागी बन सकते हैं।
साथ ही यूट्यूब पर सीधा प्रसारण देखने के लिए कृषि विभाग और पानी फाउंडेशन के चैनल पर जाकर भी सहभागी हुआ जा सकता है। यवतमाल जिला अधीक्षक मनोजकुमार ढगे ने कहा कि खरीफ सीजन में फसलों का उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए सभी किसान भाई प्रतिदिन बड़ी संख्या में इस डिजिटल खेतीशाला में शामिल हों।