

Pankaja Munde Chandrapur Visit: प्रदूषण की वजह से नागरिकों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। जीवन बहुत कीमती है और किसी को भी लोगों की जान से खेलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उद्योगों को तुरंत प्रदूषण कम करने वाले उपकरण फॉगर, फॉगिंग मशीन और अन्य जरूरी उपकरण लगाने चाहिए। नियमों के हिसाब से चलें। नहीं तो, पर्यावरण मंत्री होने के नाते हमें पता है कि उन्हें कैसे नियंत्रित करना है।
जो अधिकारी नहीं सुनेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कड़े शब्दों में एमपीसीबी अधिकारियों के साथ उद्योगों के प्रतिनिधियों को फटकार लगाई। गुरुवार को मंत्री पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) चंद्रपुर के विविध प्रदूषित भागों का व संवेदनशील कंपनियों का दौरा करने आयी थी।
विधायक सुधीर मुनगंटीवार की मांग पर हुए इस विशेष दौरे में मंत्री मुंडे ने एमपीसीबी अधिकारियों की भ्रष्टता को भांपते हुए उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं उद्योगों के प्रतिनिधियों को हिसाब से चलने की सलाह दी। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) ने दुर्गापुर में चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन, बेलसनी में महामाया कोल वॉशरी और घुग्घुस में विदर्भ मिनरल एनर्जी के कन्वेयर बेल्ट का दौरा किया और प्रदूषण का स्वयं निरीक्षण किया।
वह इस समय जनता से बातचीत करते हुए बोल रही थीं। इस अवसर पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार, जिलाधिकारी वसुमना पंत, जेडपी के सीईओ पुलकित सिंह, चंद्रपुर के एसडीओ विशाल कुमार मेश्राम, तहसीलदार विजय पवार, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के यादव आदि मौजूद थे।
मुंडे ने कहा कि चंद्रपुर एक औद्योगिक जिला है। हम उद्योगों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, उद्योगों को भी नियमों के हिसाब से चलना चाहिए। किसी को भी लोगों की जान से खेलने का हक नहीं है। हमें पता है कि यहां की उद्योग बहुत प्रदूषण फैला रहे हैं। इसीलिए हम आज चंद्रपुर आए और खुद जाकर निरीक्षण किया। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने भरोसा दिलाया कि चंद्रपुर के लिए प्रदूषण मुक्त करने को लेकर एक साल, फिर तीन साल और लंबे समय का प्लान तैयार किया जाएगा।
मुंडे ने बताया कि विधायक मुनगंटीवार ने विधानसभा में प्रदूषण को लेकर सवाल उठाया था, उसी समय मैंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि मैं स्वयं चंद्रपुर आकर प्रदूषण की समस्या का पता लगाऊंगा और इस मुद्दे को हल करूंगी। चंद्रपुर में बड़ी संख्या में उद्योग होने की वजह से यहां के नागरिक प्रदूषण से परेशान हैं। मैं आज यहां के नागरिकों की तकलीफ देखने आयी हूं। कंपनियों के प्रदूषण की वजह से इलाके के किसानों का कपास काला पड़ रहा है और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी, ऐसी जानकारी भी उन्होने दी।
इस समय, MLA सुधीर मुनगंटीवार ने कहा, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे चंद्रपुर जिले में प्रदूषण कम करने के लिए यहां आई हैं। प्रदूषण को लेकर कानून और नियमों के दायरे में फैसले लिए जाएंगे। साथ ही, पर्यावरण को लेकर जिला स्तर की एक कमेटी बनाई जाएगी।
चंद्रपुर के अंदर से बहने वाली ऐतिहासिक झरपट नदी का सौंदर्यीकरण होगा, ऐसा आश्वासन पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) ने गुरुवार को दिया। महाकाली मंदिर परिसर से बहने वाली इस नदी का स्वयं मुआयना करने के बाद उन्होंने कहा कि इस नदी का महत्व केवल श्रध्दालुओं के लिए नहीं बल्कि पूरे शहर के लिए है। इसे प्रदूषणमुक्त कर विस्तारित करने की योजना बनाई जाएगी।
बेलसनी व महामाया कोल वॉशरी के गंभीर प्रदूषण का संज्ञान लेकर पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने एमपीसीबी के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। अभी यहां लीपापोती साफ दिख रही है। आगे अगर प्रदूषण का स्तर नीचे आया हुआ नहीं दिखा तो खैर नहीं, ऐसी चेतावनी ही उन्होंने दी।