चंद्रपुर मनपा: कांग्रेस में बगावत, 16 पार्षदों ने की गुट नेता राजेश अडूर को हटाने की तैयारी, वडेट्टीवार को झटक

Chandrapur NMC: चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस के 27 में से 16 पार्षदों ने गुट नेता राजेश अडूर को हटाने के लिए खोला मोर्चा। सांसद प्रतिभा धानोरकर के समर्थन से वडेट्टीवार गुट को लगा बड़ा झटका।
Rebellion in Chandrapur NMC as 16 out of 27 Congress corporators move to oust group leader Rajesh Adoor. The move, backed by MP Pratibha Dhanorkar, shocks Wadettiwar camp.
चंद्रपुर मनपा (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Chandrapur NMC Congress Corporators Rebellion: स्थानीय मनपा में कांग्रेस गुट नेता राजेश अडूर को पद से हटाने के लिए कांग्रेस के 27 में से 16 पार्षद लामबंद हुए है। यह पार्षद अब गुट नेता बदलने के लिए शीघ्र ही संभागीय आयुक्त से मिलेंगे। कांग्रेस के 16 पार्षदों की सोमवार को एक बैठक हुई जिसमें उपरोक्त निर्णय बैठक में उपस्थित सभी 16 पार्षदों ने सर्वसम्मति से लिया। पार्षदों की इस बगावत से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेटटीवार को करारा झटका लगा है। यह भी उल्लेखनीय है कि मनपा में कांग्रेस का गुट नेता बदलने की यह सारी कवायद कांग्रेस की सांसद प्रतिभा धानोरकर के मार्गदर्शन पर हो रही है। जिससे अब यह स्पष्ट हुआ है कि, जिले में वडेटटीवार और धानोरकर के बीच चल रहा अंतद्वंद्व अब चरम पर पहुंच चुका है।

चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या 27 है, इनमें से कुल 16 पार्षदों ने सोमवार को एक बैठक ली जिसमें मनपा में कांग्रेस गुट नेता राजेश अडूर को पद से हटाकर उसकी जगह किसी अन्य को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए शीघ्र ही संभागीय आयुक्त के पास अडूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

करने का निर्णय भी पार्षदों की ओर से लिया गया।

गौरतलब है कि, कांग्रेस के बागी पार्षदों की यह महत्वपूर्ण बैठक कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर के निवास पर ली गयी। इस बैठक में कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुभाष धोटे, महानगर जिलाध्यक्ष शिवा राव प्रमुखता से उपस्थित थे। यह भी बताया जा रहा है कि, बैठक के दौरान सांसद धानोरकर अपने निवासस्थान पर ही मौजूद थी किंतु वह प्रत्यक्ष रूप से मीटिंग में उपस्थित नहीं रही।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि, मनपा में सत्ता के बंटवारे का असर कांग्रेस को इन दोनों ग्रुप के बीच मतभेदों के कारण उठाना पड़ा है। इससे पहले दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं की मध्यस्थता के बाद सभी 27 नगरसेवकों की सहमति से राजेश अडूर को ग्रुप लीडर चुना गया था। इसे 'इंडियन नेशनल कांग्रेस, चंद्रपुर सिटी म्युनिसिपल अलायंस' नाम से डिविजनल कमिश्नर के पास रजिस्टर कराया गया था।

गैरहाजिर सदस्यों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई

इस बीच, राजेश अदूर ने भी रविवार को अपने समर्थक पार्षदों की एक मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग को लेकर उन्होंने व्हिप जारी किया था और गैरहाजिर सदस्यों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हालांकि, विरोधी ग्रुप के नगरसेवकों ने दावा किया है कि ग्रुप लीडरों के पास ऐसा व्हिप जारी करने का अधिकार नहीं है। उनका यह भी कहना है कि मीटिंग को कानूनी मंजूरी नहीं थी, क्योंकि ज्यादातर कॉर्पोरेटर इसके खिलाफ थे। ग्रुप लीडर बदलने के प्रोसेस में किसी भी कानूनी दिक्कत से बचने के लिए मीटिंग से पहले संबंधित कॉर्पोरेटरों को नोटिस दिया गया था।

इस बीच, खबर है कि, धानोरकर समर्थक ग्रुप ने इस मामले में कानूनी विवाद की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहले ही कैविएट फाइल कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मीटिंग के बाद संबंधित कॉर्पोरेटर फिर से जिला छोड़कर चले गए हैं, इससे चंद्रपुर कांग्रेस में सत्ता की लड़ाई और तेज होने के संकेत मिल रहे है।

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