

MP Rajya Sabha Election 2026: इंडियन नेशनल कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए 5 राज्यों की 7 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल सीट भी शामिल है, जहां से कांग्रेस ने मंदसौर लोकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को चुनावी मैदान में उतारा है। मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोर टीम का हिस्सा और उनका बेहद करीबी माना जाता है।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल आगामी 21 जून को समाप्त हो रहा है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाना चाहते। उनके इनकार के बाद से ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर इस सीट को लेकर भारी लॉबिंग शुरू हो गई थी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पहले से ही चर्चा थी कि अगर राहुल गांधी की पसंद पर मुहर लगती है, तो मीनाक्षी नटराजन का दिल्ली जाना तय है। आखिरकार केंद्रीय नेतृत्व ने उनके नाम को हरी झंडी दे दी।
मध्य प्रदेश विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखें तो राज्यसभा की एक सीट आसानी से जीतने के लिए 58 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है। चुनाव की गणितीय स्थिति कुछ इस प्रकार है-
कांग्रेस की स्थिति: दतिया सीट खाली होने, विजयपुर विधायक के मतदान से बाहर रहने और निर्मला सप्रे के दलबदल जैसी चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस के पास फिलहाल 62 विधायक हैं। यह आंकड़ा एक सीट जीतने के जादुई आंकड़े (58) से 4 अधिक है। ऐसे में कांग्रेस की एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है।
बीजेपी की स्थिति: विधानसभा में बीजेपी के पास वर्तमान में 164 विधायक हैं। राज्यसभा की दो सीटें आसानी से जीतने के लिए बीजेपी को 116 वोटों की जरूरत होगी। इसके बाद भी तीसरी सीट के लिए बीजेपी के पास 48 अतिरिक्त विधायक बचेंगे।
यदि बीजेपी तीसरी सीट के लिए अपना उम्मीदवार उतारती है, तो उसे बहुमत के लिए 10 और वोटों की जरूरत होगी। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी बीजेपी बहुमत से 8 वोट दूर रहेगी। हालांकि, जोड़-तोड़ की राजनीति में समीकरण कभी भी बदल सकते हैं। फिलहाल बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
राज्यसभा के सांसदों का चुनाव आम चुनावों से काफी अलग होता है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं-