सस्ती शराब, बोतल महंगी, मध्यप्रदेश की शराब को ब्रांडेड बोतलों में पैक करने वालों का भंडाफोड़

Chandrapur Police Action: चंद्रपुर में पाथरी पुलिस ने मध्यप्रदेश से लाई गई सस्ती शराब को ब्रांडेड बोतलों में पैक कर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए।
सस्ती शराब, बोतल महंगी
सस्ती शराब, बोतल महंगी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Fake Liquor Chandrapur: चंद्रपुर जिले के सावली तहसील के पाथरी पुलिस ने शनिवार, 22 नवंबर की सुबह पालेबरसा मार्ग पर बड़ी मात्रा में नकली विदेशी शराब ज़ब्त करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि यह शराब नकली है, जिसे मध्यप्रदेश से सस्ती कीमतों पर लाकर यहाँ ब्रांडेड बोतलों में लेबल और सील लगाकर बेचा जा रहा था। इस खुलासे ने जिले में बड़े पैमाने पर चल रहे नकली शराब के कारोबार का पर्दाफाश किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांदपुर ग्राम निवासी कृष्ण धर्म कंजर (19), प्रकाश रमेश भोयर (37) और सागर राजेश कंजर (32) के रूप में हुई है। फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

आबकारी विभाग पर सवाल

मध्यप्रदेश की सस्ती शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचने वाले इस गोरखधंधे पर रोक लगाने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की मानी जाती है। इस मामले में विभाग की भूमिका और निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि थानेदार नितेश डोरलीकर के मार्गदर्शन में पाथरी पुलिस टीम ने गोसेखुर्द नहर के पास नाकाबंदी करते हुए दो वाहन-कार (MH 40 AR 6803) और मोपेड (MH 34 CP 2798)-से कुल 384 सीलबंद ‘रॉयल स्टैग’ ब्रांड की बोतलें ज़ब्त कीं, जिनकी कीमत लगभग 96,000 रुपये बताई गई है। आबकारी विभाग ने जाँच कर इसे नकली शराब की खेप होने की पुष्टि की।

कैसे चलता था धंधा?

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी मध्यप्रदेश से सस्ती शराब मंगाते थे। फिर कबाड़ से खरीदी गई खाली ब्रांडेड बोतलों में शराब भरते, उन पर रॉयल स्टैग के लेबल लगाते और नए ढक्कन लगाकर उसे असली विदेशी शराब बताकर बेचते थे। पाथरी पुलिस टीम ने चांदपुर पहुंचकर आरोपियों के घरों की तलाशी भी ली है।

पाथरी पुलिस ने उजागर किया सच ,जांच जारी

सूत्रों के अनुसार, चंद्रपुर जिले में भी नकली विदेशी शराब परोसे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस नेटवर्क के मूल केंद्र तक पहुँचा जाए तो तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा संभव है। उपविभागीय पुलिस अधिकारी सत्यजीत आमले के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है

Navbharat Live
navbharatlive.com