चंद्रपुर में फिर मानव-बाघ संघर्ष, नागभीड़ के जंगल में बाघ के हमले में चरवाहे की मौत, इलाके में दहशत का माहौल
Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के नागभीड़ में बाघ के हमले में एक 52 वर्षीय चरवाहे की मौत हो गई। क्षेत्र में इस साल वन्यजीवों के हमले में यह 21वीं मौत है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर बाघ हमला (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Chandrapur Tiger Attack Nagbhid Man Animal Conflict: चंद्रपुर के नागभीड परिसर में फिर एक बार मानव बाघ संघर्ष सामने आया है। नागभीड़ तहसील के तलोधी (बा.) क्षेत्र अंतर्गत गिरगांव वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले में एक चरवाहे की मौत हो गई। यह दुखद घटना शुक्रवार को सामने आई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। इस वर्ष की यह 21वीं बली बताई जा रही है।
घटना के बाद वनविभाग व पुलिस संयुक्त रुप से कार्रवाई कर रही है। मृतक की पहचान आत्माराम दसरू बोरकर (52), निवासी गिरगांव, तहसील नागभीड़ के रूप में हुई है।आत्माराम बोरकर पेशे से चरवाहे थे और गुरुवार को रोज की तरह अपनी बकरियों को चराने के लिए गिरगांव जंगल क्षेत्र में गए थे। शाम को जब बकरियों का झुंड
जंगल क्षेत्र में अकेले न जाने का किया आह्वान
घटनास्थल का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नागभीड़ ग्रामीण अस्पताल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच वन परिक्षेत्र अधिकारी ए. आर. कन्नमवार, सहायक वनरक्षक महेश गायकवाड़ तथा तलोधी पुलिस थाने के प्रभारी राहुल गुहे के मार्गदर्शन में की जा रही है। घटना के बाद गिरगांव तथा आसपास के गांवों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल क्षेत्र में अकेले न जाने और वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।
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इस परिसर में यह कोई पहला मामला नहीं है। इस घटना के बाद लोगों में वन विभाग के प्रति तीव्र असंतोष फैल गया है। इस घटना की जांच वनविभाग के सहायक वनसंरक्षक महेश गायकवाड, वनपरिक्षेत्र अधिकारी ए. आर. कन्नमवार और तलोधी के थानेदार राहुल गुहे कर रहे है।
इस साल अब तक बाघ, तेंदुए व अन्य वन्यजीवों के हमलों में 21 लोगों की जाने गई है। बाघ व दूसरे वन्यजीवों का तत्काल बंदोबस्त करने तथा मृतक के परिजनों को तत्काल भरसक मदद करने की मांग नागरिकों ने की है।
