Chandrapur: नागभीड़ नगर निगम लाएगा शहरी NREGA, महाराष्ट्र में बनेगा पहला मॉडल, हजारों को मिलेगा काम
Chandrapur नागभीड़ नगर निगम ने 2026–27 की योजना में नरेगा जैसी रोजगार व्यवस्था शहर में लागू करने का प्रस्ताव रखा। यह महाराष्ट्र की पहली नगर निगम होगी जो शहरी क्षेत्र में नरेगा के ज़रिए रोजगार देगी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स:सोशल मीडिया )
Chandrapur NREGA Hindi News: चंद्रपुर नगर निगम ने अपने दायरे में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की तरह शहरी क्षेत्र के लोगों को रोज़गार देने का मुद्दा अपने एजेंडे में लिया जिले की नागभीड नगर निगम ने आर्थिक वर्ष 2026-27 की योजना बनाई है।
जिसमें नरेगा के काम देने के प्रावधान किये है। अगर निगम क्षेत्र के लोगों को नरेगा के जरिए रोजगार मिलता है, तो नागभीड़ नगर निगम महाराष्ट्र की पहली निगम होगी जो नरेगा के जरिए लोगों को रोजगार देगी।
नागभीड़ नगर परिषद 11 अप्रैल, 2016 को भीकेश्वर, सुलेझरी, चिखलपरसोडी, बोथली, बाम्हनी, डोंगरगांव, नवखला, तुकुम ग्राम पंचायतों को मिलाकर बनाई गई थी। इस गांव के नागरिक पक्की नौकरी से वंचित हैं। केवल खेती पर आधारित होने के कारण यहां रोजगार एक बडा मुद्दा है।
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अब ग्राम पंचायते शहर के निगम का हिस्सा बन जाने से नागरिकों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। नागभीड़ नगर परिषद का प्रवर्ग ‘क’ है। सरकार के निर्देशों के अनुसार, अगर काम के क्षेत्र में नागरिक ऐसी नगर परिषदों से नौकरी की मांग करते हैं, तो उन्हें रोजगार गारंटी योजना के जरिए काम दिया जा सकता है। इसके लिए कुछ दिशानिर्देश भी हैं।
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मंजूरी के लिए जिलाधिकारी को भेजा प्रस्ताव
- बामनी गांव के पूर्व सरपंच अमृत शेंडे ने बताया कि इस बारे में उन्होने पहल की और बामनी और नगर परिषद में शामिल दूसरे गांवों के 2 हजार 159 लोगों ने फॉर्म नंबर 4 भरकर नगर परिषद से रोजगार मांगा था।
- उसके बाद 6 जनवरी, 2022 को जिलाधिकारी कार्यालय ने भी नगर परिषद को रोजगार देने का निर्देश दिया था। लेकिन, प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया था।
- नागभीड नगर निगम की मुख्याधिकारी सोनम देशमुख को पूछे जाने पर उन्होने बताया कि नगर परिषद इलाके के लोगों को रोजगार देने के मकसद से नगर परिषद ने काम करना शुरू कर दिया है।
- 2026-27 के प्लान में मुख्य रूप से नरेगा के काम शामिल होंगे। हमने इसकी मंजूरी के लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
