नीलजई खदान परिसर में ढहा मिट्टी का टीला, मलबे में फंसे 4 युवक, युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में भारी बारिश के कारण नीलजई खदान परिसर में मिट्टी का टीला ढह गया। टीला ढहने से आसपास के क्षेत्रों में मलबे में कई लोग फंस गए।
- Written By: प्रिया जैस
रेती के टीले में फंसे वाहन (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में घुग्घुस क्षेत्र में तेज बारिश ने वेकोलि वणी क्षेत्र के निलजाई खदान परिसर में हादसे की स्थिति पैदा कर दी। उकनी की ओर जानेवाली मुख्य सड़क के पास मिट्टी का टीला (ओवर बर्डन) अचानक ढह गया। मिट्टी का मलबा इतनी तेज गति से सड़क पर फैला कि वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो और 18 पहियोंवाला एक ट्रक पूरी तरह उसमें दब गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर इसके दृश्य तेजी से वायरल हो गए।
स्कॉर्पियो सवारों की जान बची
चश्मदीदों ने बताया कि स्कॉर्पियो में सवार चार युवक जैसे-तैसे पिछले दरवाजे से बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई। ये सभी युवक उकनी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि उनकी गाड़ी पूरी तरह मिट्टी में दब गई। वहीं, मलबे में फंसी 18 पहियों का ट्रक वंदना ट्रांसपोर्ट का हैं।
मार्ग बंद, वेकोलि कर्मचारी प्रभावित
इस हादसे के बाद निलजाई-घुग्घुस मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया। दूसरी पाली में खदान पहुंचे कई वेकोलि कर्मियों को प्रबंधन ने दूसरे रास्ते से मैनपावर बसों के जरिए घर भेजा। फिलहाल मार्ग पर यातायात बंद है।
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युद्धस्तर पर राहत कार्य
वेकोलि प्रबंधन ने तत्काल राहत और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। भारी मशीनरी की मदद से सड़क पर आए मिट्टी के पहाड़ को हटाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मार्ग को सुचारु करने का प्रयास जारी है, मगर भारी बारिश के चलते कार्य में बाधा आ रही है। यह हादसा बताता है कि खदान परिसरों में बरसात के दिनों में सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं। गनीमत यह रही कि स्कॉर्पियो में बैठे चारों युवक समय रहते वाहन से बाहर निकल पाए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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पहले भी हुआ था हादसा
लगभग 16 वर्ष पूर्व 5 नवंबर 2009 को वेकोलि नार्थ क्षेत्र में पिंपलगांव खदान परिसर में ओबी धंसने की घटना सामने आयी थी। घटनास्थल से दो किमी क्षेत्र की जमीन में बडी बडी दरारें आयी थी।
